लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: अब 3 घंटे का सफर सिर्फ 45 मिनट में, यूपी के सबसे महंगे हाईवे पर 120 की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

Lucknow-Kanpur Expressway Update: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति आ गई है। साल 2026 यूपी के लिए सौगातों का साल साबित होने वाला है। जहां एक ओर नमो भारत रैपिड रेल और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, वहीं लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी को ‘मिटाने’ के लिए तैयार है 63 किलोमीटर लंबा शानदार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे। अब जाम की चिक-चिक खत्म होगी और आप फर्राटा भरते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।जाम से मुक्ति और सुपरफास्ट कनेक्टिविटीवर्तमान में लखनऊ से कानपुर जाने के लिए यात्रियों को उन्नाव के भारी ट्रैफिक और जाम से जूझना पड़ता है। 70-80 किमी का यह सफर तय करने में अभी ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं और स्थिति खराब होने पर 5-6 घंटे भी बर्बाद होते हैं। लेकिन यह 6-लेन एक्सप्रेसवे इस दूरी को महज एक घंटे से भी कम समय में समेट देगा। खास बात यह है कि भारी वाहनों को अब शहर के अंदर घुसने की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्थानीय ट्रैफिक भी स्मूथ रहेगा।120 किमी/घंटा की रफ्तार और अत्याधुनिक तकनीकइस एक्सप्रेसवे की डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा रखी गई है। सुरक्षा के लिहाज से इस पर केवल कार और अन्य चौपहिया वाहन ही चल सकेंगे; बाइक और ऑटो के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। 63 किमी लंबे इस रूट का 18 किमी हिस्सा एलिवेटेड है, जो इसे बेहद आधुनिक बनाता है। यह रूट ‘ग्रीनलैंड’ पर विकसित किया गया है, यानी वहां बनाया गया है जहां पहले कोई सड़क नहीं थी।यूपी का सबसे छोटा मगर सबसे महंगा एक्सप्रेसवेNHAI के आंकड़ों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे यूपी के सबसे महंगे प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसकी लागत प्रति किलोमीटर लगभग 75 करोड़ रुपये आई है (कुल 4700 करोड़ से अधिक), जो कि गंगा एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत (63 करोड़) से कहीं ज्यादा है। इस पर चार अत्याधुनिक टोल प्लाजा बनाए गए हैं। कार के लिए एक तरफ का टोल ₹275 और 24 घंटे के अंदर वापसी का टोल ₹415 निर्धारित किया गया है।आउटर रिंग रोड और नीचे-ऊपर का अनोखा संगमलखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लखनऊ आउटर रिंग रोड से जोड़ा गया है, जिससे कानपुर से आने वाले यात्री बिना शहर में फंसे हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और सुल्तानपुर की ओर निकल सकेंगे। इंजीनियरिंग का नायाब नमूना पेश करते हुए इसमें नीचे नेशनल हाईवे NH-25 रहेगा और उसके ठीक ऊपर एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड हिस्सा चलेगा। लखनऊ में अमौसी से दरोगाखेड़ा तक यह 4-लेन का रहेगा और आगे जाकर 6-लेन में तब्दील हो जाएगा।AI कैमरों और कंट्रोल रूम से होगी निगरानीसुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया गया है। हर एक किलोमीटर पर 360 डिग्री घूमने वाले CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, ‘वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम’ (VIDS) के जरिए ओवरस्पीडिंग, दुर्घटना या आग लगने जैसी घटनाओं का ऑटोमैटिक अलर्ट कंट्रोल रूम को मिल जाएगा। स्थानीय आबादी की सुविधा के लिए 38 अंडरपास और 31 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया गया है।कब से शुरू होगा सफर?खबरों के मुताबिक, 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं, जिसके तुरंत बाद मई के महीने में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोले जाने की पूरी संभावना है।

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