यूपी में अगले 72 घंटे भारी 50 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक करवट ली है। शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में ‘आसमान से आफत’ बरसने की चेतावनी जारी की है। 7 से 9 अप्रैल 2026 के बीच राज्य के 50 से अधिक जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। मंगलवार सुबह से ही नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर: 60 किमी/घंटा की रफ्तार से आएगा तूफानमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर जैसे जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही इन इलाकों में बड़े आकार के ओले भी गिर सकते हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान होने का डर है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहें।लखनऊ समेत पूर्वी यूपी में भी अलर्ट: 8 अप्रैल को होगी भारी बारिशराजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। लखनऊ में 8 अप्रैल को विशेष रूप से भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 7 अप्रैल से शुरू हुआ यह सिलसिला 9 अप्रैल तक जारी रहेगा। इससे जहां एक तरफ झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं बिजली गिरने और तूफानी हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।किसानों की बढ़ी चिंता: ओलावृष्टि से फसलों को खतरे की आशंकाअप्रैल के महीने में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी और कटकर रखी फसलों के लिए यह मौसम ‘विलेन’ साबित हो सकता है। विशेष रूप से आम की बौर और गेहूं की कटाई कर रहे किसानों के लिए आने वाले 48 से 72 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। प्रशासन ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से एक के बाद एक दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए हैं। अरब सागर से आ रही नमी और मैदानी इलाकों की गर्म हवाओं के टकराव के कारण उत्तर भारत के वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है। यही वजह है कि अप्रैल की शुरुआत में ही मानसून जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। इसका असर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार तक देखा जा रहा है।




