प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” और “महिला सशक्तिकरण” संकल्प साकार हेतु डिजिटलाइजेशन आवश्यक, केशव प्रसाद मौर्य

श्री मौर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ई-सरस पोर्टल उनके उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ई-सरस पोर्टल पर अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण कराया जाए तथा उनके उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन विपणन की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए, जिससे ग्राहकों तक उत्पादों की सहज पहुंच सुनिश्चित हो सके।

 

श्री मौर्य ने कहा कि ई-सरस पोर्टल केवल ऑनलाइन बिक्री का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को देशव्यापी बाजार उपलब्ध कराने का एक प्रभावी मंच है। इसके माध्यम से समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी, महिलाओं की आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से उत्पादों की मांग और विपणन क्षेत्र का विस्तार होगा तथा समूहों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।

 

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का विपणन केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ई-सरस पोर्टल के माध्यम से देश के अन्य राज्यों तक भी पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में इन उत्पादों की मांग को देखते हुए निर्यात और अंतरराज्यीय विपणन की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों को नए बाजार प्राप्त होंगे और उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी।

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