‘टीवी इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा होती है टाइपकास्टिंग…’, नारायणी शास्त्री ने खोली पोल; ‘महादेव एंड संस’ और बॉलीवुड से दूरी पर की खुलकर बात

भारतीय टेलीविजन जगत की जानी-मानी और बेहद बेबाक अदाकारा नारायणी शास्त्री (Narayani Shastri) इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट और एक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में छाई हुई हैं। अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली नारायणी ने हाल ही में कलर्स चैनल के चर्चित शो ‘महादेव एंड संस’ (Mahadev And Sons) में एक नए और धमाकेदार किरदार के साथ एंट्री ली है, जो शो में जबरदस्त ड्रामा पैदा कर रहा है। इसी बीच, मीडिया के साथ हुई एक खास बातचीत में उन्होंने टीवी इंडस्ट्री के कड़वे सच, कलाकारों के साथ होने वाली टाइपकास्टिंग, ‘कमबैक’ शब्द से चिढ़ और फिल्मों से दूरी बनाने की असली वजह पर खुलकर अपनी बात रखी है। आइए जानते हैं कि नारायणी शास्त्री ने इंटरव्यू के दौरान किन बड़े मुद्दों पर बेबाक राय रखी है।
‘कमबैक’ शब्द से है सख्त नफरत, महिलाओं के लिए इस शब्द का होता है गलत इस्तेमाल
जब किसी जाने-माने कलाकार को लंबे अंतराल के बाद पर्दे पर दोबारा देखा जाता है, तो मीडिया और दर्शक अक्सर उसे ‘कमबैक’ का नाम दे देते हैं। लेकिन नारायणी शास्त्री इस शब्द से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखतीं।
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि जब भी वह किसी नए शो के साथ लौटती हैं, तो उसे उनका कमबैक क्यों कहा जाता है, इस पर अभिनेत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “मेरे साथ यह कई बार हुआ है। जब भी मैं नया शो करती हूं, लोग उसे मेरा कमबैक कह देते हैं, जबकि इस शब्द का प्रयोग अब बंद होना चाहिए। यदि किसी अभिनेत्री ने अपनी मर्जी से ब्रेक लिया है, अच्छे प्रोजेक्ट या दमदार स्क्रिप्ट का इंतजार किया है या अपनी निजी जिंदगी की अन्य चीजों को समय दिया है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह कहीं गायब हो गई थी और अब लौट रही है। मुझे लगता है कि महिलाओं के लिए ‘कमबैक’ शब्द का इस्तेमाल बहुत आसानी से कर लिया जाता है, जो कि सही नहीं है।”
टीवी इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा होती है ‘टाइपकास्टिंग’, कलाकार की बन जाती है एक ही छवि
टेलीविजन और फिल्म जगत में कलाकारों को एक ही तरह के सांचे में ढालने यानी टाइपकास्टिंग (Typecasting) पर बात करते हुए नारायणी ने इंडस्ट्री की अंदरूनी पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि फिल्मों से ज्यादा टेलीविजन पर कलाकारों को टाइपकास्ट किया जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “टेलीविजन में किसी कलाकार की एक खास छवि बन जाती है, और फिर मेकर्स उन्हें बार-बार वैसे ही रोल ऑफर करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, उर्वशी ढोलकिया को ‘कसौटी जिंदगी की’ के ‘कोमोलिका’ किरदार से ऐसी पहचान मिली कि उन पर हमेशा के लिए निगेटिव भूमिकाओं की छवि हावी हो गई। यही वजह है कि फिल्म निर्माता भी कई बार टीवी कलाकारों को अलग तरह के रोल देने से कतराते हैं।” उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्होंने करीब दस साल तक मुख्य भूमिकाएं (Positive Lead Roles) निभाई थीं, जहां कलाकारों को हमेशा एक ‘अच्छी लड़की’ की छवि में बांधकर रखा जाता है और प्रयोग करने का मौका कम मिलता है। यही कारण था कि उन्होंने अपनी लीक से हटकर निगेटिव रोल्स की तरफ रुख किया।
फिल्मों से क्यों दूर रहती हैं नारायणी शास्त्री? सामने आई बड़ी वजह
अक्सर यह सवाल उठता है कि टीवी पर अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने वाले कलाकार बॉलीवुड या फिल्मों में क्यों नजर नहीं आते। इस पर सफाई देते हुए नारायणी ने फिल्मों से दूरी रखने के पीछे का कारण बताया।
उन्होंने कहा कि फिल्मों में अक्सर एडिटिंग (Editing) के दौरान कलाकारों का काफी अहम हिस्सा काट दिया जाता है, जिससे उस किरदार का वह प्रभाव नहीं रहता जो अभिनेता ने सोचते वक्त महसूस किया था। ऐसी स्थिति में कलाकार के हाथ निराशा लगती है। इसके विपरीत, टेलीविजन में उन्हें पहले से पता होता है कि वे कैमरे के सामने क्या शूट कर रही हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ ऐसा होते देखा है कि बेहतरीन काम करने के बावजूद फिल्मों में उनका रोल छोटा कर दिया जाता है, और वह दूसरों की गलतियों से सीख लेने में विश्वास रखती हैं।
सोशल मीडिया और कॉमेडी रील्स के जरिए दिखाई अपनी अलग कला
भले ही टेलीविजन ने उन्हें गंभीर और ड्रामा से भरपूर किरदार दिए हों, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनकी कॉमेडी रील्स (Comedy Reels) ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कभी इस बात का मलाल रहा कि अभिनय की दुनिया में उन्हें कॉमेडी दिखाने का मौका नहीं मिला, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह अपने रास्ते खुद बनाती हैं। इंटरनेट मीडिया ने उन्हें खुलकर काम करने की और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने की पूरी स्वतंत्रता दी है।
निजी जिंदगी में ड्रामा से दूर रहना पसंद करती हैं अभिनेत्री
अपने नए शो ‘महादेव एंड संस’ में ड्रामा पैदा करने वाले किरदार के बारे में बात करते हुए उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह असल जिंदगी में ड्रामा से कोसों दूर रहती हैं। उनका परिवार बड़ा है, और यदि वहां कोई मनमुटाव या लड़ाई-झगड़ा भी हो, तो वह उसमें नहीं पड़तीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक कलाकार के रूप में वह रचनात्मक आलोचना (Constructive Criticism) का स्वागत करती हैं, लेकिन यदि कोई सोशल मीडिया पर बदतमीजी से टिप्पणी करता है, तो वह बिना सोचे उसे ब्लॉक कर देती हैं। नारायणी शास्त्री का यह बेबाक और स्पष्टवादी अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है।




