‘गदर’ की ‘सकीना’ से क्यों हो रही प्रीति जिंटा की तुलना? फिल्म ‘लाहौर 1947’ की ‘हमीदा’ के लिए अमीषा पटेल ने भेजा ऐसा खास पैगाम, जीत लिया प्रशंसकों का दिल


भारतीय सिनेमा जगत में जब भी भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि और देशभक्ति से सराबोर प्रेम कहानियों की बात होती है, तो दर्शकों के जेहन में सबसे पहला नाम फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और उसके मुख्य पात्रों तारा सिंह और सकीना का आता है। सनी देओल और अमीषा पटेल की जोड़ी ने ‘सकीना’ और ‘तारा सिंह’ के रूप में जो इतिहास रचा, वह आज भी बॉलीवुड के सबसे सफल और यादगार अध्यायों में गिना जाता है। हालांकि, इन दिनों सिने गलियारों और सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। निर्देशक राजकुमार संतोषी की आगामी पीरियड ड्रामा फिल्म ‘लाहौर 1947’ (जिसे कई जगह ‘बंटवारा 1947’ के संदर्भ में देखा जा रहा है) में प्रीति जिंटा की मुख्य भूमिका को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता है। इस फिल्म में प्रीति जिंटा ‘हमीदा’ नामक एक मजबूत मुस्लिम महिला का किरदार निभा रही हैं, जो विभाजन के दौर की त्रासदी और संघर्ष से गुजरती है। जैसे ही फिल्म से प्रीति जिंटा का फर्स्ट लुक और किरदार की झलक सामने आई, प्रशंसकों ने तुरंत उनकी तुलना ‘गदर’ की ‘सकीना’ यानी अमीषा पटेल से करनी शुरू कर दी।
सनी देओल के साथ जोड़ी और भारत-पाक विभाजन की पृष्ठभूमि
तुलना की मुख्य वजह यह है कि दोनों ही कहानियों की धुरी 1947 के विभाजन और उस दौरान उपजे मानवीय दर्द पर आधारित है। फिल्म ‘गदर’ में जहां तारा सिंह (सनी देओल) अपनी पत्नी सकीना (अमीषा पटेल) को सीमा पार से वापस लाने के लिए हर चुनौती से टकरा जाते हैं, वहीं ‘लाहौर 1947’ में भी सनी देओल और प्रीति जिंटा एक बार फिर विभाजन की त्रासदी के बीच एक भावुक और सशक्त कहानी पेश करने जा रहे हैं। दर्शकों का मानना है कि जिस तरह अमीषा पटेल ने ‘सकीना’ के रूप में अपनी सादगी, आंसुओं और अभिनय से हर भारतीय के दिल को छू लिया था, ठीक उसी तरह प्रीति जिंटा भी ‘हमीदा’ के रूप में अपनी अदाकारी से एक नया मानदंड स्थापित कर सकती हैं। सोशल मीडिया पर फैंस दोनों अभिनेत्रियों के लुक्स, पहनावे और एक्सप्रेशन्स का विश्लेषण कर रहे हैं और यह बहस छिड़ गई है कि क्या ‘हमीदा’ का किरदार ‘सकीना’ के ऐतिहासिक प्रभाव की बराबरी कर पाएगा।
‘सकीना’ ने ‘हमीदा’ के लिए भेजा प्रेम भरा खास पैगाम
आमतौर पर बॉलीवुड में जब दो बड़ी अभिनेत्रियों के किरदारों की तुलना होती है, तो कैटफाइट या आपसी प्रतिस्पर्धा की खबरें आने लगती हैं। लेकिन अमीषा पटेल ने इस पूरी बहस पर एक बेहद परिपक्व और दिल जीतने वाली प्रतिक्रिया दी है। जब अमीषा पटेल से प्रीति जिंटा के किरदार ‘हमीदा’ और उनके साथ हो रही तुलना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने प्रतिद्वंद्विता को सिरे से खारिज करते हुए प्रीति जिंटा के प्रति अपना अपार प्यार और सम्मान जताया।
अमीषा पटेल ने प्रीति जिंटा को एक बेहद खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्री बताते हुए कहा कि वे प्रीति को पर्दे पर दोबारा सनी देओल के साथ देखकर बेहद रोमांचित और खुश हैं। अमीषा ने अपने खास संदेश में कहा कि ‘सकीना’ का किरदार उनके दिल के बेहद करीब है और यह सिनेमा का एक अमर पात्र बन चुका है, लेकिन प्रीति जिंटा ‘हमीदा’ के रूप में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाएंगी। उन्होंने कहा, “प्रीति मेरी बहुत अच्छी दोस्त हैं और वे एक बेहतरीन अदाकारा हैं। मुझे पूरा यकीन है कि वे ‘लाहौर 1947’ में हमीदा के किरदार के साथ पूरा न्याय करेंगी। मेरी तरफ से उन्हें और पूरी टीम को ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं।” अमीषा के इस पॉजिटिव और ग्रेसफुल मैसेज ने इंटरनेट पर सभी का दिल जीत लिया है।
सोशल मीडिया पर फैंस के बीच क्यों छिड़ी है तुलना की बहस?
अमीषा पटेल और प्रीति जिंटा दोनों ही 90 के दशक के उत्तरार्ध और 2000 के दशक की शुरुआत की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। दोनों ने ही अपने करियर में सनी देओल के साथ काम किया है। जहां अमीषा पटेल को ‘गदर’ और ‘गदर 2’ से सर्वकालिक ब्लॉकबस्टर सफलता मिली, वहीं प्रीति जिंटा ने भी ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाय’ और ‘भैयाजी सुपरहिट’ जैसी फिल्मों में सनी देओल के साथ स्क्रीन शेयर की है।
अब जब प्रीति जिंटा लंबे समय बाद ‘लाहौर 1947’ के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं, तो उनके प्रशंसक उनकी तुलना अमीषा के उस लैंडमार्क रोल से कर रहे हैं जिसने भारतीय सिनेमा का इतिहास बदल दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिनेमाप्रेमी इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या ‘लाहौर 1947’ का इमोशनल ड्रामा ‘गदर’ जैसी दीवानगी पैदा कर पाएगा?
90 के दशक की शानदार बॉन्डिंग और सिनेमा में महिला कलाकारों का सम्मान
अमीषा पटेल द्वारा प्रीति जिंटा के लिए भेजा गया यह समर्थन संदेश इस बात का भी प्रतीक है कि 90 के दशक की अभिनेत्रियों के बीच कितना गहरा संबंध और सम्मान है। आज के दौर में जहां सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी बातों को लेकर अभिनेत्रियों के बीच अनबन की अफवाहें उड़ा दी जाती हैं, वहीं अमीषा पटेल के इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि एक कलाकार दूसरे कलाकार की सफलता का दिल से जश्न मना सकता है।
फिल्म समीक्षकों का भी मानना है कि दोनों फिल्मों के कालखंड और पृष्ठभूमि भले ही एक जैसे हों, लेकिन कहानियां और निर्देशकों का दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग है। राजकुमार संतोषी का सिनेमा यथार्थवाद और गंभीर नाट्य रूपांतरण के लिए जाना जाता है, जबकि अनिल शर्मा की ‘गदर’ एक व्यावसायिक और लार्जर-देन-लाइफ एक्शन-ड्रामा थी। इसलिए ‘सकीना’ और ‘हमीदा’ दो अलग-अलग प्रस्तुतियां हैं, जिनकी अपनी-अपनी खूबसूरती है।
‘लाहौर 1947’ को लेकर क्या हैं उम्मीदें?
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही और राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित ‘लाहौर 1947’ इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा शबाना आजमी, अभिमन्यु सिंह और अली फजल जैसे मंझे हुए कलाकार भी नजर आने वाले हैं।
विभाजन के कड़वे सच और इंसानी जज्बातों को उकेरने वाली इस फिल्म से दर्शकों को बहुत भारी उम्मीदें हैं। प्रीति जिंटा के लिए भी ‘हमीदा’ का किरदार उनके करियर का एक नया मोड़ साबित हो सकता है। अमीषा पटेल के इस प्यार भरे संदेश के बाद अब फैंस दोनों ही अभिनेत्रियों की इस ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री तथा खेल भावना की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दर्शक अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि जब ‘लाहौर 1947’ सिनेमाघरों में दस्तक देगी, तो ‘हमीदा’ के रूप में प्रीति जिंटा का यह सफर बड़े पर्दे पर क्या नया इतिहास रचेगा।



