खुद को IAS अफसर बताकर की शादी, लाखों के गहने हड़पने के बाद की पति को मारने की कोशिश

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर महिला ने खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर एक युवक के साथ शादी रचाई और उसके बाद लाखों के सोने-चांदी के गहने हड़प लिए। जब पति ने उसकी असलियत भांपकर विरोध किया, तो महिला ने उसे झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दीं, यहाँ तक कि उसका गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास किया। फरीदपुर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य पारिवारिक सहयोगियों की भूमिका की भी गहनता से जाँच की जा रही है।

आईएएस अधिकारी बनने का झांसा देकर रचाई शादी

इस हैरान करने वाले घटनाक्रम की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को हुई थी, जब फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम पचौमी निवासी अभिषेक का विवाह बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम संतौत पट्टी ईशा निवासी नरेंद्र पाल सिंह की पुत्री साधना के साथ तय हुआ था। अभिषेक के अनुसार, शादी से पहले साधना और उसके पिता नरेंद्र पाल सिंह, भाई सूर्यप्रताप तथा रिश्तेदार राजेंद्र सिंह ने दावा किया था कि साधना जल्द ही एक उच्च पदस्थ आईएएस अधिकारी के रूप में नियुक्त होने वाली है तथा वह अभिषेक को भी सरकारी नौकरी दिलवा देगी। इसी झूठे भरोसे और प्रभाव में आकर अभिषेक का परिवार इस रिश्ते के लिए राजी हुआ था।

लाखों के जेवर हड़पे और अस्पताल बनवाने का दबाव

विवाह के कुछ समय बीतने के बाद साधना ने कोर्ट कचहरी और नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला देना शुरू किया और अभिषेक की सोने की चेन, अंगूठी तथा उसकी माता के गहनों समेत करीब 15 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया। जेवर ऐंठने के बाद आरोपी महिला ने अभिषेक पर उसकी 20 बीघा जमीन बेचकर एक अस्पताल बनवाने का अनुचित दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब अभिषेक ने इसका विरोध किया, तो साधना ने आईएएस होने का रौब दिखाते हुए उसे गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी और 12-13 मार्च 2026 की रात उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस आपातकालीन सेवा डायल-112 पर सूचना दी।

कानपुर देहात में चढ़ावे के विवाद पर बैरंग लौटी बारात

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के ही कानपुर देहात जिले से एक अन्य विवाह समारोह के विफल होने का मामला सामने आया है, जहाँ मंगलपुर थाना क्षेत्र के बीसलपुर गांव निवासी अवधेश सिंह के पुत्र कुबेदान सिंह की बारात खिरवा गांव पहुँची थी। वधू पक्ष के यहाँ एक दिन पूर्व हुई गोलीबारी की घटना के कारण वरमाला का कार्यक्रम पहले ही रद्द कर दिया गया था, किंतु दोनों पक्षों ने अन्य रस्में पूरी करने पर सहमति जताई थी। रविवार सुबह मुख्य रस्मों के दौरान जब चढ़ावे का सामान सामने रखा गया, तो वधू पक्ष ने सामान और जेवरों की मात्रा को लेकर असंतोष जताया और विवाद खड़ा कर दिया। दोपहर तक चली लंबी पंचायत और मान-मनौव्वल के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो अंततः बारात को बिना दुल्हन के ही बैरंग लौटना पड़ा।

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