अमरिंदर के इस्तीफे के बाद पंजाब का अगला ‘कैप्टन’ कौन?

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चंडीगढ़: पंजाब में पिछले दो महीने से चल रही उथलपुथल का आखिरकार शनिवार को अंत हो गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शाम 4.30 बजे राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, दो महीने में तीसरी बार मीटिंग बुलाई। आपको मेरी काबिलियत पर शक था क्या? फिलहाल कांग्रेस में हूं, समर्थकों से बात कर भविष्य की राजनीति पर फैसला लूंगा।

कैप्टन के इस्तीफ के बाद सवाल उठता है कि अब पंजाब का अगला कैप्टन कौन होगा? कहा जा रहा है कि इसमें प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे चल रहा है। सुनील जाखड़ के साथ राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल का नाम शामिल है। हालांकि ये कहना भी गलत होगा कि नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री की रेस में नहीं हैं।

सुनील जाखड़ ने पंजाब की सियासी हलचल के बीच ट्वीट किया था- राहुल गांधी ने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाल लिया है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले से न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झगड़े को खत्म किया गया है, बल्कि इसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोमांचित किया है, इसने अकालियों की बुनियाद हिला दी है।

सुनील जाखड़ क्यों?

जाखड़ का परिवार लंबे समय से कांग्रेस के साथ रहा है। जाखड़ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। वह कांग्रेस में एक प्रमुख हिंदू नेता के तौर पर जाने जाते हैं। आलाकमान भी हिंदू चेहरे को पंजाब में आगे बढ़ाना चाह रहा है। ऐसे में वे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। जाखड़ मूलरूप से अबोहर के गांव पंजकोसी के रहने वाले हैं। 2002 में पहली बार अबोहर शहर के विधायक बने थे। अबोहर से लगातार तीन बार विधायक रहे जाखड़ 2012 से 2017 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए हैं।

सुनील जाखड़ ने भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माने जाने वाली गुरदासपुर लोकसभा सीट से 2017 में बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। गुरदासपुर से भारतीय जनता पार्टी के विनोद खन्ना लगातार 4 बार सांसद चुने गए थे। अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए थे जिसमें सुनील जाखड़ को जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा के स्वर्ण सलारिया को हराया था। हालांकि इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में अभिनेता सनी देओल ने सुनील जाखड़ को शिकस्त दी।

कब शुरू हुई चर्चा?

यूं तो पिछले दो महीने से पंजाब में उथलपुथल तेज हो गई थी। चूंकि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान दे दी गई। उन्हें नया प्रदेशाध्यक्ष बना दिया गया, लेकिन सीएम के इस्तीफे की चर्चा ने उस वक्त जोर पकड़ ली, जब शुक्रवार देर रात हरीश रावत ने ट्वीट कर शनिवार को बुलाई जाने वाली विधायक दल की मीटिंग के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद से ही सीएम के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी।

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