‘‘परवरिश’’ डे-केयर सेंटर का शुभारम्भ के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र को पानी के आरओ देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत

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उत्तराखंड
देहरादून: समाज में परिवर्तन महिलाओं को बराबर का भागीदार बनाकर ही लाया जा सकता है। महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डालनवाला में महात्मा गांधी बस्ती स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में ‘‘परवरिश’’ डे-

केयर सेंटर का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बच्चों व माताओं के स्वास्थ्य की जिम्मेवारी सरकार की है। जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक उम्र के हर पड़ाव पर सरकार किसी न किसी योजना को लेकर महिलाओं के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने परवरिश डे-केयर सेंटर के शुभारम्भ के अवसर पर बुजुर्ग महिलाओं को टेक होम राशन व लगभग 100 महिलाओं को कन्या के जन्म पर नंदा देवी कन्या धन योजना के तहत एफडी वितरित कीं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र को पानी के आरओ भी दिए गए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि विभिन्न रोजगारपरक कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। बेटियां किसी से कमतर नहीं होती हैं। जिन माताओं के एक बेटी होने के बाद दूसरी संतान भी बेटी होती है, उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।  कन्या शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए गौरा देवी कन्या धन योजना की सहायता राशि को  25 हजार से बढ़ाकर रुपये 50 हजार किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि खिलती कलियाॅं योजना के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 6 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण के उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से, हम प्रति परिवार 1.5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 800 प्रतिमाह किया गया है। परित्यक्ता, निराश्रित मानसिक विकृत व्यक्ति की पत्नी को भरण-पोषण राशि प्रदान की जा रही है। तीलू रौतेली विशेष पेंशन योजना के तहत महिलाओं को अपंगता होने अथवा घायल होने पर पेंशन दी जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई पर व्यक्गित ध्यान दें, घर की साफ-सफाई रखें, पानी को उबाल कर पीएं व बच्चों के नाखून नियमित रूप से काटें। इससे बच्चों में होने वाली बीमारियां काफी हद तक कम हो जाएंगी और बच्चे तरक्की करेंगे। एक आशा कार्यकत्री द्वारा पिछले वर्ष की 5000 रूपए की बोनस की राशि प्राप्त न होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने इसके जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, आशा वर्कर व महिला स्वयं सहायता समूह हमारी प्राथमिकताओं में है।
संसदीय सचिव व विधायक राजकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री रावत के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास के कार्य बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। महिला व बाल कल्याण की अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं। मलिन बस्तियों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंप दी गई है। आशा है मलिन बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक की प्रक्रिया जल्द प्रारम्भ कर दी जाएगी।
प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि परवरिश डे-केयर सेंटर में 0-3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रतिदिन केंद्र में लाकर पोष्टिक आहार दिया जाएगा। हर जिले में ये सेंटर स्थापित किए जाएंगे। खिलती कलियां योजना में हमारा लक्ष्य है कि आगामी 6 माह में सभी बच्चों को कुपोषण के दायरे से बाहर लाया जाए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गोद भराई योजना भी प्रारम्भ की जा रही है जिसमें गर्भवती होते ही महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा और उनकी लगातार ट्रेकिंग की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने और कन्या भू्रण हत्या पर रोक लगाने में इस योजना से मदद मिलेगी। इसी प्रकार अन्न प्राशन योजना के तहत 6 माह का होने पर बच्चे को पहली बार अन्न ग्रहण कराने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पर लाया जाएगा और इसे उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा।
इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, उत्तराखण्ड शासन में सचिव विनोद शर्मा, डा.भूपिंदर कौर औलख, अपर सचिव विम्मी सचदेवा रमन, डीएम रविनाथ रमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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