बजट राशि से पर्यटन विकास को मिल रही रफ्तार, खर्च में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी- जयवीर सिंह

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को पर्यटन निदेशालय में अहम बैठक कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जारी की गई वित्तीय स्वीकृतियों, आवंटित धनराशि और अब तक हुए व्यय की स्थिति का बारीकी से आकलन किया। बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बजट का उपयोग पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जा सके। मंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाना है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों, स्वीकृतियों और खर्च की स्थिति पर गहन मंथन किया गया। बैठक में सामने आया कि कुल 1,69,027 लाख रुपए के प्रावधान के सापेक्ष शासन द्वारा 1,33,920 लाख रुपए (करीब 79 प्रतिशत) की स्वीकृति दी जा चुकी है। वहीं, 1,24,757 लाख रुपए के बजट आवंटन के मुकाबले 24 मार्च 2026 तक 1,11,511 लाख रुपए से अधिक (लगभग 89 फीसदी) व्यय कर लिया गया है। समीक्षा के दौरान मंत्री ने विभागीय योजनाओं में तेजी लाने और शेष बजट के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए, ताकि पर्यटन विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर प्रदेश की पर्यटन क्षमता को और सशक्त बनाया जा सके।
पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की ओर से परियोजनाओं के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं रखी जा रही है, ऐसे में अब देरी या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारा जाए, ताकि प्रदेश में पर्यटन विकास की रफ्तार और तेज हो सके।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने प्रदेश में पर्यटन को नई गति देने के लिए वे-साइड एमेनिटीज को लेकर गहन मंथन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्हरदोई, सीतापुर, फिरोजाबाद समेत विभिन्न जनपदों से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्गों के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त वे-साइड एमेनिटीज विकसित करना अब प्राथमिकता में है, ताकि यात्रियों और पर्यटकों को स्वच्छ शौचालय, फूड कोर्ट, पार्किंग, फ्यूल, सुरक्षा और विश्राम जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि इन सुविधाओं के विकास से न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक सुगम बनेगी।
बैठक में यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, निदेशक इको पुष्प कुमार के० सहित पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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