प्रधानमंत्री ने कठिन परिश्रम के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरक सुभाषितम साझा किया है।

“यस्य कृत्यं न विघ्नन्ति शीतमुष्णं भयं रतिः।

समृद्धिरसमृद्धिर्वा स वै पण्डित उच्यते।।”

सुभाषितम यह बताता है कि, वास्तव में वही व्यक्ति ज्ञान की पराकाष्ठा पर है जिसकी कार्यक्षमता न तो कड़ाके की ठंड या भीषण गर्मी से प्रभावित होती है, न ही जो डर या किसी के प्रति अत्यधिक स्नेह के कारण अपने निर्णय बदलता है और जो सुख-समृद्धि या घोर दरिद्रता में भी एक समान भाव से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

“यस्य कृत्यं न विघ्नन्ति शीतमुष्णं भयं रतिः।

समृद्धिरसमृद्धिर्वा स वै पण्डित उच्यते।।”

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