सेज नीति समीक्षा समिति ने नई दिल्ली में अंतिम बैठक की

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नई दिल्ली: श्री बाबा कल्याणी की अगुवाई में विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) नीति समीक्षा समिति की नई दिल्ली में आज बैठक हुई। वाणिज्य सचिव की अध्यक्षता में समिति के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श संबंधी यह इसकी अंतिम बैठक थी। इस समूह की पहली बैठक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में हुई थी और इसके बाद 9 जुलाई तथा 20 अगस्त, 2018 को बैठकें हुई।

इस समिति का उद्देश्य वर्ष 2000 में बनाई गई सेज नीति का मूल्यांकन करना तथा इस नीति को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुरूप बनाने संबंधी उपाय सुझाने, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहन संबंधी सलाह देने, विशेष आर्थिक क्षेत्रों में खाली भूमि के अधिकतम उपयोग, सेज नीति और अन्य योजनाओं जैसे तटीय आर्थिक क्षेत्र, दिल्ली मुम्बई औद्योगिक गलियारा, राष्ट्रीय औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र, फूड पार्क और टेक्सटाइल पार्क के बीच निरंतरता बनाए रखना हैं।

इस समिति ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। भारत के आर्थिक क्षेत्र में जो बदलाव हुए है उसे देखते हुए इस नीति के ढांचे की समीक्षा की आवश्यकता हुई है ताकि विनिर्माण क्षेत्र में 100 मिलियन रोजगारों के सृजन, डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप विनिर्माण क्षेत्र को और प्रतिस्पर्धी बनाने, सेवा क्षेत्र, स्वास्थ्य देखभाल, वित्तीय एवं कानूनी सेवाओं, मरम्मत और डिजाइन सेवाओं को सेज के दायरे में लाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

समिति का मानना था कि सेज को अब ‘रोजगार एवं आर्थिक एन्क्लेव’ में परिवर्तित किया जाना चाहिए जिसकी वजह से आर्थिक क्षेत्र में एक ऐसा माहैल बनेगा जिससे कारोबार करने में आसानी हो और लागत कम करने के साथ-साथ गुणवत्ता एवं बुनियादी ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

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