SC/ST ACT: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है सरकार

देश-विदेश

नयी दिल्ली: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों को शिथिल करने संबंधी देश की सबसे बड़ी अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा उच्चतम न्यायालय में कल दायर की जाने वाली पुनर्विचार याचिका में यह कहेगी कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से SC – ST एक्ट ( अत्याचार रोकथाम) कमजोर हो जायेगा.

सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय यह भी कह सकता है कि हालिया आदेश से कानून का डर कम होगा और इस कानून का उल्लंघन बढ़ सकता है. गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने इस कानून के तहत तुरंत होने वाली गिरफ्तारी और आपराधिक मामले दर्ज किए जाने को हाल ही में प्रतिबंधित कर दिया था.

दरअसल, यह कानून भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ हाशिये पर मौजूद समुदायों की हिफाजत करता है. लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान और केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत के नेतृत्व में राजग के एसएसी और एसटी सांसदों ने इस कानून के प्रावधानों को कमजोर किए जाने के शीर्ष न्यायालय के फैसले पर चर्चा के लिए पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी. गहलोत ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका के लिये हाल ही में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को एक पत्र लिखा था. उन्होंने इस बात का जिक्र किया था कि यह आदेश इस कानून को निष्प्रभावी बना देगा और दलितों एवं आदिवासियों को न्याय मिलने को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा. (प्रभात खबर)

Related posts

केरल में निपाह वायरस रोग का कोई नया मामला नहीं: डॉ. हर्षवर्धन

मार्च- जून 2020 की अवधि में कृषि वस्तुओं का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना मे 23.24 प्रतिशत बढ़ा

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के 119वें प्रवेश प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का अभिभाषण