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लघु सीमांत किसानों के लिए धान विक्रय हेतु सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जायेंगे

लखनऊ: प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत 50 लाख मी0टन धान क्रय हेतु विभिन्न एजेन्सियों में धान क्रय का कार्यकारी लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। विभाग द्वारा धान क्रय के लिए 10 एजेन्सियों को नामित किया गया है।
खाद्य विभाग की विपणन शाखा द्वारा 12 लाख मी0टन, उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम 03 लाख, उ0प्र0 राज्य कर्मचारी कल्याण निगम 04 लाख, उ0प्र0 सहकारी समिति 10 लाख, उ0प्र0 कोआपरेटिव यूनियन लि0 03 लाख, उ0प्र0 राज्य कृषि एवं औद्योगिक निगम 04 लाख तथा भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी समिति एक लाख मी0टन धान की खरीद की जाएगी। इसी प्रकार भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन समिति एक लाख भारतीय खाद्य निगम 02 लाख तथा भारतीय खाद्य निगम के प्राइवेट प्लेयर्स 10 लाख मी0टन धान खरीदेंगे।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्री कुमार अरविन्द सिंह देव द्वारा विभिन्न एजेन्सियों, आयुक्त खाद्य एवं रसद, निदेशक मण्डी परिषद, निबन्धक सहकारी समितियां तथा सभी जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह क्रय केन्द्रों का निर्धारण एवं चयन इस प्रकार करें कि किसानों को अपना धान बेचने हेतु 08 किमी0 से अधिक दूरी न तय करनी पड़े। 50 मी0टन से कम खरीद की सम्भावना वाले क्षेत्र में विकास खण्ड पर अधिकतम एक केन्द्र ही खोला जाये। उन क्षेत्रों में क्रय केन्द्र मुख्य रूप से स्थापित किए जाएं, जहाँ धान की आवक अच्छी होती है तथा खरीफ की भी अच्छी सम्भावना हो। क्रय स्थल निर्धारण के लिए मण्डी, उपमण्डी, एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब तथा मुख्यमार्ग के समीप के सार्वजनिक स्थल को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसान वहाँ सुगमता से पहुँच सकें।
निर्देशों में कहा गया है कि सभी धान क्रय केन्द्रों पर एक पंजिका रखी जाय, जिस पर किसान का नाम, क्रय की गयी मात्रा तथा मूल्य अंकित किया जाय और उस पर किसान के हस्ताक्षर भी कराये जाएं धान क्रय पंजिका में किसान का मोबाइल/फोन नं0 भी अंकित किया जाय। किसान प्रदेश के अन्दर किसी भी केन्द्र पर धान बिक्रय हेतु स्वतंत्र होंगे।
यह भी निर्देश दिये गये हैं कि सभी क्रय केन्द्रों पर एक बैनर लगाया जाए, जिसमें धान का समर्थन मूल्य, शिकायत पंजीकरण का टोल फ्री नं0 18001800150, क्रय केन्द्र प्रभारी का नाम एवं मोबाइल नं0, गुणवत्ता के मानक, सम्बन्धित बैंक का नाम जहाँ से भुगतान होना है आदि सूचनाएं प्रदर्शित की जायें। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर धान का एक मानक नमूना भी प्रदर्शित किया जाय।
खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में मण्डी परिषद द्वारा व्यय की सीमाएं भी निर्धारित कर दी गयी हैं। 2050 मी0टन की खरीद पर प्रति केन्द्र 7500, 250 से 600 मी0टन की खरीद पर प्रति केन्द्र पर 15000 रूपये तथा 600मी0 टन से अधिक खरीद पर 22500 रुपये प्रति केन्द्र व्यय की सीमा रखी गयी है।
सप्ताह में दो दिन लघु/सीमान्त किसानों को धान बेचने के लिए आरक्षित रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारियों से अपेक्षा की गयी है कि लघु एवं सीमान्त किसानों से धान खरीद के लिए निर्धारित दिवसों को क्रय केन्द्रों पर मोटे अक्षरों में लिखकर प्रदर्शित कराया जाय तथा समाचार आदि पत्रों के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाय।

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