पेट्रोल, डीजल के दाम स्थिर, कच्चे तेल में नरमी

देश-विदेश

लगातार दूसरे दिन गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी बनी रही। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव के आधार पर किया जाता है।

हालांकि बाजार के जानकार बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी या मंदी का असर भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम पर तकरीबन दो सप्ताह बाद देखा जाता है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम पूर्ववत क्रमश: 72.93 रुपये, 74.95 रुपये, 78.50 रुपये और 75.69 रुपये प्रति लीटर बने रहे। चारों महानगरों में डीजल के दाम भी पूर्ववत क्रमश: 66.31 रुपये, 68.05 रुपये, 69.40 रुपये और 70.01 रुपये प्रति लीटर बने रहे।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड के जून डिलीवरी वायदा सौदे का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था, जोकि पांच महीने का सबसे ऊंचा स्तर था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का भी भाव 64 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था। हालांकि उसके बाद कीमतों में नरमी आई जो कि गुरुवार को लगातार दूसरे दिन जारी रही।

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मई एक्सपायरी कच्चा तेल वायदा अनुबंध में गुरुवार को अपराह्न् 15.40 बजे 13 रुपये यानी 0.29 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,451 रुपये प्रति बैरल पर करोबार चल रहा था।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार आईसीई पर जून डिलीवरी ब्रेंट क्रूड वायदा अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 0.18 फीसदी की कमजोरी के साथ 71.49 डॉलर प्रति बैरल पर और न्यूयार्क मर्के टाइल इंडेक्स (नायमैक्स) पर डब्ल्यूटीआई का मई अनुबंध 0.13 फीसदी की नरमी के साथ 63.68 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

Related posts

प्रधानमंत्री ने विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021 का उद्घाटन किया

सीसीईए ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए रबी फसलों के एमएसपी को मंजूरी दीसीसीईए ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए रबी फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन परिषद में फिर से चुना गया भारत