आयुष मंत्रालय और एम्स ने इन्टेग्रेटिव मेडिसिन विभाग स्थापित करने के लिए एक साथ काम करने का निर्णय लिया

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आयुष मंत्रालय और एम्स ने साथ मिलकर एम्स में इन्टेग्रेटिव(समग्र) मेडिसिन विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा तथा एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया द्वारा सेंटर फॉर इन्टेग्रेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च (सीआईएमआर) के संयुक्त दौरा और समीक्षा बैठक में लिया गया। सीआईएमआर आयुष मंत्रालय की उत्कृष्ट केन्द्र योजना से समर्थन प्राप्त करता है।

इस मौके पर सीआईएमआर के प्रमुख डॉ. गौतम शर्मा तथा आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। आईसीएमआर द्वारा योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में जारी आधुनिक शोध गतिविधियों की समीक्षा की गई और शोध परिणाम आकर्षक लगे। आयुष मंत्रालय तथा एम्स ने सीआईएमआर में शोध सहयोग की अवधि बढ़ाने तथा सहयोग गतिविधियों का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया।

सीआईएमआर के शोध कार्य तथा अन्य गतिविधियों और उपलब्धियों पर विचार करते हुए यह महसूस किया गया कि सीआईएमआर के विकास लिए अगले कदम के रूप में समर्पित ओपीडी तथा आईपीडी विस्तर बनाए जाने चाहिए। आयुष सचिव और एम्स के निदेशक इस बात पर सहमत हुए कि एम्स स्थित सीआईएमआर में रोगियों की बढ़ती दिलचस्पी तथा केन्द्र के शोध कार्य को देखते हुए अल्प अवधि में अकेला इन्टेग्रेटिव मेडिकल विभाग विकसित करना संभव है। यह विभाग समर्पित फैकल्टी और स्टाफ के साथ विकसित किया जा सकता है ताकि इसे एम्स में एक स्थायी विभाग बनाया जा सके।

आयुष सचिव ने आश्वासन दिया कि समर्पित विभाग विकसित होने तक सीआईएमआर को आयुष मंत्रालय का समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सीआईएमआर के शोध परिणामों तथा कोविड-19 शोध में नई पहलों के उत्साहजनक पहलों को देखते हुए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना समय का तकाजा है।

यह निर्णय लिया गया कि सीआईएमआर और एम्स कोविड के बाद के इलाज पर आयुर्वेद और योग का एकीकृत प्रोटोकॉल विकसित कर सकते हैं। आयुष मंत्रालय इसमें एक्ट्रा मुरल रिसर्च स्कीम के माध्यम से सहयोग कर सकता है।

हरियाणा के झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में एकीकृत आयुष कैंसर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना में प्रगति की समीक्षा भी की गई। केन्द्र की शीघ्र स्थापना और क्रियान्यवन की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने सीआईएमआर का दौरा किया और सीआईएमआर के कोविड-19 शोध कार्यों पर प्रेजेंटेशन में हिस्सा लिया। आयुष सचिव और एम्स के निदेशक ने अत्याधुनिक शोध इकाई विकसित करने और उच्च गुणवत्ता इलाज और शोध के लिए सीआईएमआर के कर्मियों की सराहना की।

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