संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ डिजिटल वर्ल्ड 2021 के मंत्रिस्तरीय गोलमेज सत्र में भाग लिया

देश-विदेश प्रौद्योगिकी

संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान ने वियतनाम सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) डिजिटल वर्ल्ड 2021 की 50वीं वर्षगांठ संस्करण के मंत्रिस्तरीय गोलमेज सत्र में भाग लिया। इस सत्र में, वियतनाम के प्रधानमंत्री और अजरबैजान, कंबोडिया, कोस्टारिका, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम के मंत्रियों ने भी भाग लिया। विचार-विमर्श का विषय “लागत में कटौती: क्या किफायती पहुंच डिजिटल बदलावों की गति बढ़ा सकती है?”था।

इस अवसर पर बोलते हुए, संचार राज्य मंत्री ने कहा कि भारत की दूरसंचार नीति प्रत्येक नागरिक के लिए अत्याधुनिक आईसीटी सुविधाओं की वहनीयता, सुलभता और उपलब्धता के उद्देश्यों से प्रेरित है। इसे ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने सबसे किफायती दूरसंचार सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक दूरसंचार सुधारों की शुरुआत की है जो डिजिटल रुपान्तरण को अगले स्तर पर ले जायेगी। इन दूरसंचार सुधारों में मुख्य रूप से स्पेक्ट्रम अवधि को 20 से बढ़ाकर 30 वर्ष करना, लाइसेंस के लिए बैंक गारंटी आवश्यकताओं को तर्कसंगत बनाना, भविष्य की स्पेक्ट्रम नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए कोई स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) नहीं रखना और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) की नकदी से जुड़ी समस्याओं को हल करने के अलावा स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति आदि शामिल है। यह सुधारात्मक प्रक्रिया देश के सबसे दूर दराज के हिस्से में रहने वाले लोगों सहित सभी वर्गों के लाभ के लिए भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को सामने लायेगी। प्रधानमंत्री की यह सोच अन्य देशों को भी भारत द्वारा अपनाये गये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल सेवाओं की वहनीयता पर काम कर रहा है बल्कि देश ने सेवाओं की पहुंच को भी दूरसंचार नीति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के सभी छह लाख गांवों को ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से जोड़ने का आदेश दिया है। दूरसंचार विभाग ने प्रधानमंत्री की सोच को सही ढंग से लागू करने का काम शुरू किया है।

आईटीयू के उप महासचिव ने देश में दूरसंचार क्रांति का समर्थन करने में भारत के प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि यदि परिवर्तनकारी पहल उच्चतम स्तर पर की जाती है, तो उनकी सफलता और संभावित वृद्धि की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिसका भारत एक अच्छा उदाहरण है।

श्री देवुसिंह चौहान ने दोहराया कि भारत अन्य देशों के साथ अपनी सर्वोत्तम कार्य प्रणाली और जानकारियों को साझा करके डिजिटल परिवर्तन को तेज करने के लिए सबसे अधिक लागत प्रभावी आईसीटी सेवायें प्रदान करने में दुनिया की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related posts

बीएसएफ और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) के महानिदेशकों का 49 वां सीमा समन्वय सम्‍मेलन

सरकार ने बैंक पुनर्पूंजीकरण परिव्यय को चालू वित्त वर्ष में बढ़ाकर 1,06,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव संसद में रखा

दिल्ली में आयुष-64 के निःशुल्क वितरण को 25 स्थलों तक बढ़ाया गया