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बैंकॉक में आयोजित सातवीं आरसीईपी मंत्रिस्तरीय बैठक का संयुक्त घोषणापत्र

नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 8 सितंबर, 2019 को बैंकॉक, थाइलैंड में आयोजित सातवीं आरसीईपी (क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी) मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री सीनेटर साइमन बर्मिंघम, ब्रूनेई के प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री तथा वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री दातो डॉ. अमीन लेव अब्दुल्ला, कंबोडिया के वाणिज्य मंत्री पैन सोरासक, चीन के वाणिज्य उप-मंत्री श्री वांङ शओवन, इंडोनेशिया के व्यापार मंत्री एनगारतियास्तो लुकिता, जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री हिरोशिगे सेको, दक्षिण कोरिया की व्यापार मंत्री सुश्री मायूंग ही यू, लाओ पीडीआर की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती खेम्मानी फोलसेना, मलेशिया के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और उद्योग मंत्री डारेल लेकिंग, म्यामार के निवेश एवं विदेश आर्थिक संबंध मंत्री श्री थाउंग तुन, न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निर्यात विकास राज्य मंत्री डेमियन ओ कॉनोर, फिलिपींस के व्यापार एवं उद्योग मंत्री रैमन एम लोपेज, सिंगापुर के व्यापार एवं उद्योग मंत्री छान छुन सिंग, थाइलैंड के उप-प्रधानमंत्री तथा वाणिज्य मंत्री श्री जूरिन लकसानाविसित, वियतनाम के उद्योग एवं व्यापार उप-मंत्री त्रान क्यूओक खान्ह (वियतनाम के उद्योग एवं व्यापार मंत्री त्रान त्वान आन्ह के प्रतिनिधि) तथा आसियान के महासचिव दातो जॉक होई भी उपस्थित थे।

बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी हुआ, जो इस प्रकार है-

दो-तीन अगस्त, 2019 को बीजिंग में आयोजित मंत्रियों की पिछली बैठक के बाद आरसीईपी बातचीत में होने वाली प्रगति की समीक्षा के संबंध में सातवीं आरसीईपी मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए 8 सितंबर, 2019 को बैंकॉक में 16 आरसीईपी साझेदार देशों के मंत्री एकत्र हुए। बैठक की अध्यक्षता थाइलैंड के उप-प्रधानमंत्री और व्यापार मंत्री श्री जूरिन लकसानाविसित ने की।

मंत्रियों ने विचार किया कि बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है, क्योंकि बातचीत समाप्त करने का समय निकट आ रहा है। बातचीत की मौजूदा चुनौतियों के बावजूद 16 आरसीईपी भागीदारी देश बकाया मुद्दों के समाधान का प्रयास कर रहे हैं, जो इस वर्ष समझौता पूरा होने के लिए आवश्यक है।

व्यापार और निवेश पर्यावरण की अनिश्चितता के कारण पूरे विश्व में विकास धीमा हुआ है, जिसका प्रभाव व्यापार और रोजगार पर पड़ सकता है। इसके अलावा आरसीईपी को पूरा करने के लिए भी समाधान आवश्यक हो गया है। बातचीत की प्रक्रिया में भागीदारी देशों की स्थिति को विश्व व्यापार पर्यावरण में कुछ विकासों का प्रभाव पड़ सकता है, जिसके मद्देनजर मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आरसीईपी के दूरगामी नज़रिए को सघन और विस्तृत करना होगा। मंत्रियों ने कहा कि आरसीईपी से बाजार में स्थिरता और निश्चितता पैदा होगी, जो क्षेत्र में व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। इसे ध्यान में रखते हुए मंत्रियों ने बातचीत को पूरा करने के लिए समवेत प्रयासों पर बल दिया।

मंत्रियों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि वार्ताकारों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाए और उन्हें बातचीत पूरा करने का अधिकार दिया जाए। मंत्रियों ने वार्ताकारों का आह्वान किया कि इस प्रतिबद्धता को रचनात्मक कार्रवाइयों और सकारात्मक परिणामों में परिवर्तित करें।

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