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सूचना आयुक्त ने वाणिज्यकर विभाग के पांच कार्यालय अधीक्षकों का वेतन बढ़ाये जाने के आदेश दिए

उत्तर प्रदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने मुरादाबाद मंडल के उपायुक्त वाणिज्यकर को आदेश दिए हैं कि वह पांच कार्यालय अधीक्षकों को बढ़ा वेतनमान उसी तारीख से लागू करें और सभी अफसरों को पुराने बढ़े वेतन का भुगतान भी करें, साथ ही दोषी अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच करने के उपरान्त वाणिज्यकर विभाग से कार्यालय अधीक्षकों को पुरानी तिथि से बढ़ा वेतनमान दिए जाने के आदेश की जानकारी आयोग को दें। ज्ञात हो इस संबंध में वाणिज्यकर विभाग द्वारा  कार्यालय अधीक्षक को पुरानी तिथि से बढ़ा वेतनमान दिये जाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। इस संबंध में वाणिज्यकर विभाग ने सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान को आज लिखित जानकारी दे दी है।

सूचना आयुक्त ने बताया कि पीड़ित पांचों अफसरों ने मुरादाबाद जोन के उपायुक्त प्रशासन से लेकर वाणिज्यकर मुख्यालय लखनऊ तक गुहार की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच नवंबर 2011 में नंदकिशोर सिंह अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। नौकरी से हटने के बाद 2013 में उन्होंने मुरादाबाद जोन के प्रभारी उपायुक्त प्रशासन से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी, लेकिन विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सूचना आयोग में अपील की। जांच में पता चला कि अफसर उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित कर रहे हैं।
सूचना का अधिकार आम आदमी के लिए बड़ा हथियार साबित हो रहा है। इसका एक उदाहरण वाणिज्यकर विभाग में देखने को मिला। सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने अधिकारियों की निजी खुन्नस के चलते रोके गए पांच कार्यालय अधीक्षकों का वेतन बढ़ाए जाने के आदेश दिए। साथ ही वाणिज्यकर के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए है कि अधीक्षकों के बढ़े वेतनमान देने में रोड़ा बने अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मामला वाणिज्यकर विभाग के मुरादाबाद जोन का है। दिसम्बर 2008 के एक शासनादेश के जरिए।
वाणिज्यकर विभाग में कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात अफसरों का वेतनमान 28 सौ से बढ़ा कर 42 सौ करने के निर्देश दिए गए थे। यह शासनादेश दिसंबर 2010 से प्रभावी हुआ और प्रदेश के वाणिज्यकर दफ्तरों में तैनात कार्यालय अधीक्षकों का वेतनमान बढ़ा दिया गया।
मुरादाबाद जोन के अधीन बिजनौर कार्यालय में तैनात पांच कार्यालय अधीक्षकों नंद किशोर सिंह, पीएस राठौर, मुनींद्र नाथ अग्रवाल, दिनेश कुमार शर्मा और ताहिर हुसैन का वेतनमान नहीं बढ़ाया गया जबकि इन लोगों के बाद विभाग में आए कार्यालय अधीक्षकों को वेतनमान बढ़ा दिया गया। आरोप है कि नंद किशोर सिंह ने कुछ अच्चाधिकारियों द्वारा की गई भर्ती पर आपत्ति की गई थी, इसीलिए अफसर उनसे नाराज थे।
राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने 7 लापरवाह जनसूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रूपये का दण्ड लगाया है। साथ में जांच के भी आदेश दिये गये हैं। दण्डित जनसूचना अधिकारियों में अधिशासी अभियंता आवास एवं विकास खण्ड 3 दिल्ली रोड मुरादाबाद, प्रधानाचार्य सरदार पटेल स्मारक इण्टर कालेज लारपर अम्बेडकर नगर, क्षेत्रीय प्रबन्धक उ0प्र0 परिवहन निगम सहारनपुर, सहायक चकबन्दी अधिकारी बुढ़ाना मुजफ्फरनगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर, तहसीलदार तहसील जानसठ मुजफ्फरनगर, सहायक चकबन्दी अधिकारी बुढ़ाना मुजफ्फरनगर, वादी श्री गुलफाम अहमद के प्रकरण में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद को जांच के आदेश दिये गये। वादी श्री उस्मान खां के प्रकरण में श्री मुकेश कुमार दीक्षित, सहायक श्रमायुक्त रामपुर को जांच के आदेश दिये गये। श्री नरेन्द्र के प्रकरण में श्री इन्द्रमणि, ए0डी0एम0 प्रशासन मुजफ्फरनगर को जांच के आदेश दिये गये।

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