Haryana News : हरियाणा सरकार की गरीबों को सौगात, न्यूनतम मजदूरी में होगा इजाफा

Haryana News : हरियाणा सरकार की गरीबों को सौगात, न्यूनतम मजदूरी में होगा इजाफा

HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा के छोटे और बड़े कारखानों में काम कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब जल्द ही राज्य सरकार न्यूनतम मजदूरी दरों (minimum wage rates)  में इजाफा करने वाली है। इन दरों में बढ़ौतरी को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि हरियाणा सरकार कब न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ौतरी का ऐलान करेगी।

दोबारा तय होंगी मजदूरी की दरें 

सरकार की ओर से हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी की दरों (Minimum wage rates in Haryana) में बढ़ौतरी को लेकर तैयारियां चल रही है। प्रदेश सरकार की ओर से मजदूरी की दरें दोबारा तय करने के लिए कमेटी और सब कमेटी का गठन कर दिया गया है। इन कमेटी के गठन में संयुक्त श्रम आयुक्त और उप श्रम आयुक्त के अलावा नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा गया है।

कब होगा न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन 

दरअसल, बता दें कि कमेटी और सब कमेटी को पड़ोसी राज्यों के साथ इन मजदूरी की दरों का कंपेरिजन (wage rate comparison)  कर 90 दिन में रिपोर्ट सौपंनी होगी और उसके बाद ही न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन होगा। श्रम विभाग के प्रधान सचिव (Principal Secretary, Labour Department) की ओर से गठित की गई कमेटी में संयुक्त श्रम आयुक्त को अध्यक्ष बनाया गया है। इस दौरान नियोक्ता प्रतिनिधियों के तौर पर गुरुग्राम औद्योगिक संघ के अध्यक्ष, एफआईसीसीआई एवं एचसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष, एमएसएमई चैंबर ऑफ कामर्स के वाइस चेयरमैन, मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के अध्यक्ष, फरीदाबाद औद्योगिक संघ के अध्यक्ष भी मौजुद रहे हैं।

कमेटी में मौजुद रहे ये अध्यक्ष

ठीक ऐसे ही श्रमिकों के प्रतिनिधियों के रूप में सीटू प्रधान, बीएमएस हरियाणा के प्रधान (Chief of Haryana) , एटक महासचिव , इंटक प्रवक्ता, हिंद मजदूर सभा के अध्यक्ष और स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन सचिव भी शामिल रहे हैं। इसके साथ ही ईंट भट्ठों के लिए न्यूनतम दरों का निर्धारण (determination of minimum rates) के लिए उप श्रम आयुक्त की अगुवाई में जो सब कमेटी गठित हुई है, उसमें हरियाणा ईंट भट्ठा मालिक संघ के चेयरमैन और अध्यक्ष नियोक्ताओं का रिपरजेंट करेंगे। श्रमिक प्रतिनिधियों में लाल झंडा भट्टा मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव को भी शामिल किया है। 

इस दौरान बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन सचिव (Regional Organizing Secretary of BMS)  स्वतंत्र रिपरेजेंटेटिव होंगे। ऐसे में सभी सदस्यों का कार्यकाल दो साल या उनके उत्तराधिकारियों की नियुक्ति तक किया जाएगा।
 

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