Haryana News : प्रदेश में ठेके पर लगे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, हाईकोर्ट ने दिया फैसला, होंगे नियमित


HR Breaking News (contract employees) हरियाणा प्रदेश में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों (Update for employees) को अब बड़ी खुशखबरी मिल रही है। हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में ठेका कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय देते हुए उन्हें नियमित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसकी वजह से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।
हाईकोर्ट ने लिया अहम फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वे आदेश लागू करना राज्य सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होने वाला है। इसमें राज्य में कार्यरत ठेका कर्मचारियों (employees news) को पक्का करने की बात की है। इस फैसले को लागू कराने के लिए राज्य के कर्मचारी संगठनों ने 12 फरवरी को आंदोलन करने का फैसला लिया है।
कर्मचारी संगठनों ने लगाये आरोप
कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार हाई कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए तथा आदेश की अवमानना से बचने के लिए ठेका कर्मचारियों का हरियाणा कौशल रोजगार निगम (Haryana Skill Employment Corporation) के पोर्टल पर पंजीकरण करा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 को ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश हरियाणा सरकार को दिया है। हाईकोर्ट ने 41 सिविल रिट याचिकाओं का एकसाथ निपटारा करते हुए इस फैसले को सुना दिया था।
आदेश में सरकार ने दी ये जानकारी
हाईकोर्ट ने इस आदेश में बताया है कि साल 1993, 1996, 2003 व 2011 में बनाई गई नियमितीकरण की पालिसी में नियमित होने के पात्र ऐसे वंचित कर्मचारी, जो किसी भी वजह से नियमित (Punjab Haryana High Court) होने से रह गए, उन्हें भी नियमित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ये भी बताया गया है कि उक्त पालिसी के अलावा भी जिन ठेका कर्मचारियों की सेवा 31 दिसंबर 2025 को 10 साल की पूरी हो चुकी है, उनको भी नियमित किया जाए।
हाई कोर्ट ने जारी किये निर्देश
हाई कोर्ट ने सरकार को इस बात के भी निर्देश जारी कर दिये हैं कि अगर पद स्वीकृत नहीं हैं तो सरकार पद स्वीकृत करे और ठेका कर्मियों को रेगुलर करे। रेगुलर होने वाले कर्मचारियों (Employee regularization) को जिस साल से वे नियमित होने के पात्र थे, उसी समय से पूरा वेतन छह प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस फैसले को लागू करने के लिए हरियाणा सरकार को आठ सप्ताह का समय प्रदान किया है। जोकि फरवरी माह के अंत में समाप्त हो जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा (Haryana Kaushal Rozgar Nigam) ने 19 जनवरी को राज्य में प्रदर्शन करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को लागू कराने की मांग सरकार के द्वारा की जा रही है।
अध्यक्ष ने दी जानकारी
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष के मुताबिक हाई कोर्ट का फैसला सही ढंग से लागू करने की बजाय सरकार हरियाणा कौशल रोजगार निगम में कार्यरत लगभग 1.20 लाख कर्मचारियों में से पांच साल की सेवा पूरी कर चुके ठेका कर्मचारियों (Job security Haryana) को 58 साल तक जाब सिक्योरिटी देने की प्रक्रिया में जुट चुकी है। 31 जनवरी तक कौशल निगम में पांच साल से ज्यादा समय से कार्यरत कर्मचारियों को जोब सिक्योरिटी के लिए पोर्टल पर अपने दस्तावेजों को अपलोड करने के भी निर्देश जारी कर दिये हैं।
हरियाणा सरकार के पास मौजूद है दो ऑप्शन
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद हरियाणा सरकार के पास दो ही विकल्प मौजूद रहने वाले हैं। पहला विक्लप ये होगा कि सरकार फैसले को लागू कर दें और दूसरा ये कि फैसले के खिलाफ अपील (Contract worker protest) में जाएं। सरकार दोनों विकल्पों के साथ ही ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की बजाय जाब सिक्योरिटी देकर बीच का रास्ता निकालना चाह रही है।
कर्मचारियों ने किया हड़ताल करने का फैसला
हालांकि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार पर हाईकोर्ट के फैसले को अक्षरशः लागू करने का दबाव बनाने के लिए 12 फरवरी को हड़ताल करने का फैसला लिया गया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा (Haryana Kaushal Rozgar Nigam) के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव कृष्ण कुमार नैन ने बताया है कि जॉब सिक्योरिटी की बजाय सरकार हाईकोर्ट के फैसले को हुबहू लागू करने की प्रक्रिया पूरी करे।



