हरियाणा को मिलेगी नई सड़क, 152D से कनेक्ट होगा द्वारका एक्सप्रेसवे

अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के लाखों यात्रियों की समस्याओं को उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari) को पत्र लिखा है।

उन्होंने महम में एनएच-152डी को कलानौर-बेरी-झज्जर-बादली (Kalanaur-Beri-Jhajjar-Badli) होते हुए अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II/द्वारका एक्सप्रेसवे) से जोड़ने के लिए कट रोड या स्लिप रोड के निर्माण की मांग की है, ताकि लोगों को निर्बाध आवागमन मिल सके। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Union Minister for Road Transport and Highways) ने दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) को आश्वासन दिया है कि इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा, राजस्थान के कई हिस्सों और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से दिल्ली, गुरुग्राम और दिल्ली एयरपोर्ट (delhi airport) जाने वाले यात्रियों को भारी जाम, लंबा चक्कर और समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है, जिससे रोजाना सफर करना बेहद परेशानियों भरा हो गया है।

द्वारका एक्सप्रेसवे बनने के बावजूद एनएच-152डी से यूईआर-II की सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण मौजूदा मार्ग का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है।

एनएच-9 और रोहतक रोड (rohtak road) जैसे पहले से ही दबाव में चल रहे मार्गों पर लगातार ट्रैफिक का बोझ बढ़ता जा रहा है। प्रस्तावित कट रोड बनने से न सिर्फ यात्रा का समय काफी कम होगा, बल्कि यह हरियाणा (Haryana), राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला एक रणनीतिक अंतरराज्यीय कॉरिडोर (Strategic Interstate Corridor) बनेगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स (logisitc) को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

सांसद ने कहा कि रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर सहित आसपास के क्षेत्रों से लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें बढ़ा हुआ यात्रा समय, वाहनों को नुकसान, ईंधन की बर्बादी और दुर्घटनाएं शामिल हैं।

यह हालात न सिर्फ आम लोगों के लिए परेशानियों भरे हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और आपातकालीन सेवाओं (emergency services) पर भी असर डाल रहे हैं। हुड्डा ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार जल्द ही इसकी व्यवहार्यता अध्ययन कराकर आवश्यक बजट जारी करेगी, ताकि हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लाखों यात्रियों को स्थायी राहत मिल सके।

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