गोरखपुर में आई0टी0पार्क स्थापना के लिये यूपीएलसी और एसटीपीआई के बीच समझौता: ज्ञापन हस्ताक्षरित

उत्तर प्रदेश

लखनऊ: गोरखपुर में आईटी पार्क परियोजना की स्थापना हेतु एक समझौता-ज्ञापन आज यहां सूचना प्रौद्योगिकी एवॅं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री श्री मनोज कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के नियंत्रणाधीन उपक्रम-यूपी इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) तथा भारत सरकार के उपक्रम साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पाक्र्स आॅफ इण्डिया (एसटीपीआई) के मध्य हस्ताक्षरित किया गया।
इस अवसर पर श्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर के फलस्वरूप गोरखपुर में ग्रामीण बीपीओ और स्टार्ट-अप उद्यमियों के आगमन की शुरूआत होगी, जोकि इस आईटी पार्क में कार्यशील होंगे। इस परियोजना से लगभग 15000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किये जाने का प्रयास है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी/सू0प्रौ0 सेवा जनित निवेश को आकर्षित करने तथा बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप इकाइयों को पुष्पित-पल्लवित करने के ध्येय से, उनके प्रोत्साहन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश  द्वारा ‘‘उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016’’ प्रख्यापित की गई है। एस.टी.पी.आई. केन्द्र में स्टार्ट अप परितंत्र को बढ़ावा देने के लिए आईटी पार्क का 20 प्रतिशत स्थान केवल स्टार्ट अप्स के लिए आरक्षित किया गया है। एस.टी.पी.आई. द्वारा स्थान आवंटित किये जाते समय उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के प्रोत्साहन हेतु उन्हें 25 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जायेगा।
श्री पाण्डेय ने कहा कि गोरखपुर में 14500 वर्ग मीटर (3.58 एकड़) भू-क्षेत्र में आईटी पार्क का विकास किया जायेगा, जिसका आवंटन गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से कराया गया है। एस.टी.पी.आई. द्वारा पार्क का विकास तीन माह में आरम्भ कर, उसके बाद 18 माह की अवधि में लगभग 15 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य पूर्ण कराया जायेगा।  एस.टी.पी.आई. इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना तथा सूचना प्रौद्योगिकी/ सू0प्रौ0 सेवा जनित उद्योगों के लिए इन्क्यूबेशन सेन्टर के सृजन हेतु कराये जाने वाले कार्यों को एस.टी.पी.आई. द्वारा चिन्हित किया जायेगा।
प्रबन्ध निदेशक, यूपीएलसी श्री अजयदीप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में आईटी पाक्र्स का विकास प्रदेश सरकार की गतिशील ‘‘उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016’’ का प्रतिफल है जिसका उद्देश्य राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी/सू0प्रौ0 सेवा जनित निवेश को बढ़ावा देना तथा प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं का कौशल विकास किया जाना है।  वर्तमान चरण में मेरठ, आगरा, कानपुर और गोरखपुर में आईटी पाक्र्स विकसित किए जा रहे हैं।

श्री रजनीश अग्रवाल, निदेशक, एस.टी.पी.आई ने कहा कि आईटी पाक्र्स की स्थापना से इण्डस्ट्रियल इन्जीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, काॅल सेन्टर्स जैसे क्षेत्र लाभान्वित होंगे।  इसके अलावा स्टार्ट-अप्स पर बल दिया जायेगा, जोकि नवीन विचारों वाले युवाओं के लिए हितकारी होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्य ध्यान युवाओं के विकास पर होगा, जिसके लिए आईटी पाक्र्स द्वारा हाई स्पीड डाटा कम्युनिकेशन, वैल्यु ऐडेड सर्विसेज, कन्सल्टेण्सी सर्विसेज जैसी सुविधायें प्रदान की जायेंगी। स्टार्ट-अप तथा एम.एस.एम.ई. संस्थाओं को ‘‘उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016’’ के अन्तर्गत प्रदेश सरकार से विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे, तथा इनमें से कुछ मासिक भरण-पोषण भत्ता, विद्युत उपादान, लीज रेन्टल में छूट, विद्युत शुल्क में छूट इत्यादि के रूप में हैं।उल्लेखनीय है कि उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016 के अन्तर्गत परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निवेशकों को सिंगिल विन्डो सहायता प्रदान करने के लिए एक नीति कार्यान्वयन इकाई कार्यरत है।
चार बड़ी परामर्शी कम्पनियों में से एक – मैसर्स केपीएमजी ‘‘उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016’’ के लिए नीति कार्यान्वयन इकाई
पार्टनर हैं जोकि उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने तथा उसे एक उभरते हुए स्टार्ट-अप गन्तव्य के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिल कर काम कर रहे हैं।

Related posts

सफलता की कहानी -28, मुफ्त राशन वितरण से करोना को मात

प्रदेश सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रणनीति के तहत समुचित व्यवस्था करेंगी: मुख्यमंत्री

राजेंद्र प्रताप सिंह ने विधायक निधि से उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड में दिया 01 करोड़ रुपए तथा एक माह का वेतन

Leave a Comment