Global Market Today: गिफ्ट निफ्टी में 100 अंकों का उछाल, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने खरीदे ₹4,800 करोड़ के शेयर

भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 22 जून को वैश्विक बाजारों (Global Markets) से बेहद शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। घरेलू बाजार के खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में करीब 100 अंकों की तेजी देखी गई है, जो दलाल स्ट्रीट के लिए एक दमदार और हरी बत्ती वाली शुरुआत का साफ इशारा है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार को घरेलू मोर्चे पर संस्थागत निवेशकों का बड़ा सहारा मिला है। कैश मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने ₹4,800 करोड़ की बंपर खरीदारी की है, हालांकि वायदा बाजार (Futures) में हल्की मुनाफावसूली या बिकवाली दर्ज की गई है।

अमेरिकी बाजारों में थी छुट्टी, पर डाओ फ्यूचर्स में दिखी हल्की बढ़त

अमेरिकी बाजारों (Wall Street) की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को वहां 'जूनटीन्थ नेशनल इंडिपेंडेंस डे' (Juneteenth National Independence Day) के मौके पर आधिकारिक फेडरल छुट्टी थी। यह दिन अमेरिका में गुलामी प्रथा के अंत की याद में मनाया जाता है, जिसके कारण मुख्य बाजार बंद रहे। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) में हल्की रौनक और बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से एशियाई बाजारों में लौटी रौनक, निक्केई 1.75% उछला

सोमवार को एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति (Progress) की खबरें हैं, जिसने युद्ध की चिंताओं को फिलहाल कम किया है:

  • जापान और कोरिया: जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.75% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स (Topix) में 1.17% की मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.54% चढ़कर ग्रीन जोन में बना हुआ है, हालांकि कोस्डैक (Kosdaq) में 0.57% की मामूली गिरावट देखी गई।

  • गिफ्ट निफ्टी का जलवा: गिफ्ट निफ्टी सुबह 24,154 के मजबूत स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोजिंग स्तर से लगभग 97 अंकों का बड़ा प्रीमियम (बढ़त) दिखाता है, जो भारतीय सूचकांकों के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग का आधार तय कर रहा है।

  • अन्य इंडेक्स: इसके विपरीत, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स में कुछ कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स आज 0.4% नीचे खिसक गया है।

वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स पर ब्याज दरों का साया, यूएस-ईरान वार्ता के पहले दौर का रोडमैप सफल

एक तरफ जहां एशियाई बाजार झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर टिकी हैं, लेकिन साथ ही भविष्य में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5%, नैस्डैक फ्यूचर्स 0.7% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.4% तक गिर गए।

राहत की बात यह है कि कूटनीतिक मोर्चे पर अच्छी खबरें हैं। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार, अमेरिका के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है, जिससे यह डर खत्म हो गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर का प्रोसेस टूट जाएगा। मध्यस्थता कर रहे कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की है कि वार्ता का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और अगले 60 दिनों के भीतर एक 'फाइनल डील' तक पहुंचने का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।

चीन ने लगातार 13वें महीने नहीं बदले लोन रेट्स, जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन उछाल

एशिया की अन्य बड़ी आर्थिक खबरों पर नजर डालें तो:

  • चीन एलपीआर (China LPR): चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' (PBOC) ने देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जून महीने में भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (कर्ज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 13वां महीना है जब दरें स्थिर हैं। बैंक ने एक साल के लोन प्राइम रेट (LPR) को 3.00% और पांच साल के एलपीआर को 3.50% के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है।

  • जापानी बॉन्ड यील्ड: जापान में बढ़ती महंगाई और राजकोषीय (फिस्कल) चिंताओं के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख रहा। बेंचमार्क 10-साल का जेजीबी (JGB) यील्ड 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 2.675% के स्तर पर पहुंच गया है।

होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई धीमी होने से कच्चे तेल में उबाल, डॉलर की मजबूती से येन रिकॉर्ड निचले स्तर पर

  • क्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के शुरुआती दौर में आई कुछ कड़वाहट के कारण रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से जहाजों की आवाजाही थोड़ी धीमी हुई थी, जिसका असर कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.04% की उछाल के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

  • सोना और चांदी: वैश्विक बाजार में महंगाई और उच्च ब्याज दरों की चिंता थोड़ी कम होने से बुलियन मार्केट में शानदार रिकवरी हुई है। सोने की कीमतें पिछले निचले स्तर से 1% से ज्यादा उछल गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव 1.2% की बढ़त के साथ 4,209.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि हाजिर चांदी (Spot Silver) 2.6% की तूफानी तेजी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

  • करेंसी मार्केट (Dollar Index): शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है। इसके चलते ब्रिटिश पाउंड 0.24% गिरकर $1.32055 और यूरो 0.1% की नरमी के साथ $1.1462 पर आ गया। वहीं, जापानी येन में लगातार कमजोरी जारी है और यह फिसलकर 161.53 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जो इसके पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है।

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