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नशे के शिकार लोगों को समाज की मुख्‍य धारा में वापस लाने के लिए परिवार और समाज को आगे आना चाहिए: थावरचंद गहलोत

नई दिल्ली: केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने कहा है कि मादक द्रव्‍यों के शिकार लोगों के लिए केवल सलाह और शिक्षा ही पर्याप्‍त नहीं है । इन लोगों को सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। हमें नशे की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए उचित दवा और सलाह प्रदान करनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्‍यक है कि नशे के शिकार लोगों का ईलाज आसानी से उपलब्‍ध हो और उनके साथ कोई भेदभाव न हो।

श्री थावरचंद गहलोत आज नई दिल्‍ली में इंटरनेशलन सोसाइटी ऑफ एडीक्‍शन मेडिसिन (आईएएसएम 2019) के 21वें वार्षिक सम्‍मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि नशे के शिकार लोगों को मदद देने के लिए परिवार और समाज को आगे आना चाहिए ताकि लोग समाज में लौट सकें, काम शुरू कर सकें और समाज के उत्‍पादक सदस्‍य बन सकें।

उन्‍होंने बताया कि नशीले पदार्थों से उत्‍पन्‍न विकार से मांग कटौती संबंधित गतिविधियों के लिए नोडल एजेंसी है और मंत्रालय ने भारत में मादक पदार्थों के उपयोग की सीमा की समीक्षा के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर का सर्वे प्रारंभ किया है और मंत्रालय के लिए अध्‍ययन का कार्य एम्‍स से पूरा करने को कहा गया है। रिपोर्ट फरवरी, 2019 में जारी की गई थी और रिपोर्ट में यह बात आई है कि नशे की लत की समस्‍या से निपटने के लिए बड़ी संख्‍या में लोग मदद चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि मंत्रालय को इस समस्‍या की जानकारी है और नशे के शिकार लोगों के लिए कार्यक्रर्मों को बढ़ाने के कदम उठाए गए हैं। मंत्रालय स्‍कूलों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और स्‍कूलों में बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्‍चों के साथ काम रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मादक द्रव्‍य लेना शुरू नहीं करें। मंत्रालय ने देश में नशे की लत के ईलाज के लिए उपचार केन्‍द्रों की संख्‍या बढ़ाना शुरू किया है। प्रधानंमत्री ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में नशे की लत से प्रभावित लोगों की देखभाल और उन्‍हें सहायता देने पर बल दिया है।

इस वर्ष के सम्मेलन का विषय “एडिक्शन इन रैपिडली चेंजिंग वर्ल्ड” है। यह सम्मेलन नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) और मनोरोग विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स), नई दिल्ली द्वारा विश्व मनोरोग एसोसिएशन, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ सोशल साइकीएट्री, द इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी और इंडियन एसोसिएशन फॉर सोशल साइकीएट्री के सहयोग से आयोजित किया गया है। सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य परिवार कल्‍याण मंत्रालय तथा वित्‍त मंत्रालय के राज्‍स्‍व विभाग ने सम्‍मेलन को सहयोग दिया है।  आईएसएएम 2019 में 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ने भाग ले रहे हैं। 4-दिवसीय कार्यक्रम में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा नशे की रोकथाम और उपचार में 40 से अधिक व्‍याख्‍यानों और नशे की बीमारियों के विभिन्न पहलुओं पर 80 से अधिक संगोष्ठी और कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। http://164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image0019XM3.jpg

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