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भारत सरकार द्वारा नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समूह का गठन

कोविड-19 से संबंधित जवाबी गतिविधियों के लिए निजी क्षेत्र, एनजीओ और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए अधिकार प्राप्त समूह संख्या-6 का गठन

  1. ओएम सं.40-3/2020/डीएम-1 (ए) दिनांक 29 मार्च, 2020 के द्वारा अधिकार प्राप्त समूह सं.-6 का गठन किया गया है जो हितधारकों के तीन समूहों के माध्यम से समस्याओं की पहचान, प्रभावी उपाय और योजनाओं के निर्माण संबंधी मुद्दों का समाधान प्रस्तुत करेगा i) संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक,

ii)नागरिक समिति संगठन और विकास भागीदार

iii) उद्योग संघ-सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम।

नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत की अध्यक्षता में गठित इस अधिकार प्राप्त समूह के सदस्यों में शामिल हैं- डॉ. विजयराघवन, पीएसए;  श्री कमल किशोर (सदस्य एनडीएमए); श्री संदीम मोहन भटनागर (सदस्य, सीबीआईसी);  श्री अनिल मलिक (एएस एमएचए); श्री विक्रम दोरईस्वामी (एएस, एमईए); श्री पी हरीश (एएस, एमईए); श्री गोपाल बागले (जेएस, पीएमओ); सुश्री ऐश्वर्या सिंह (डीएस, पीएमओ); सुश्री टीना सोनी (डीएस, कैबिनेट सचिवालय)। अधिकार प्राप्त समूह सं. 6के कार्यों का संचालन सुश्री संयुक्ता समददार (सलाहकार, एसडीजी, नीति आयोग) द्वारा किया जाएगा।

  1. 30 मार्च, 2020 और 3 अप्रैल, 2020 के दौरान उद्योग परिसंघों, आईओ और सीएसओ के साथ 6 बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में संगठनों द्वारा किये गए योगदान, आने वाले सप्राहों के लिए उनकी योजनाएं, उनके द्वारा सामना की जा रही कठिनाईयां, सरकार से उनकी अपेक्षाएं जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सभी 3 समूहों ने उन क्षेत्रों का विवरण दिया जिसमें वे समर्थन की अपेक्षा रखते हैं। सरकार इन पर ध्यान दे रही है। त्वरित तथा अधिक प्रभावी उपायों और समन्वय के लिए इन समूहों को अन्य अधिकार प्राप्त समूहों के साथ संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। अधिकार प्राप्त समूह सं.-6 (ईजी-6) की 6 बैठकों के सभी विवरण जारी कर दिए गए हैं।
  2. अंतर्राष्ट्रीय संगठन– ईजी-6 ने भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिटेंट को ऑर्डिनेटर तथा भारत में डब्ल्यूएचओ, यूनिसैफ, यूएनएफपीए, यूएनडीपी, आईएलओ, संयुक्त राष्ट्र महिला, संयुक्त राष्ट्र-हैबिटेट, एफएओ, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के प्रमुखों के साथ विस्तृत बैठकें हुईं। निगरानी प्रणाली में तकनीकी सहयोग, स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत करना, क्षमता निर्माण, वित्तीय सेवाएं, महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए सहयोग आदि विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से विचार-विमर्श के बाद संयुक्त राष्ट्र (भारत) ने एक संयुक्त कार्यक्रम जवाबी योजना तैयार की और इसे नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में उनकी गतिविदियों का विस्तृत विवरण है जहां से केन्द्रीय मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के साथ भागीदारी कर रहे हैं।
  3. नागरिक समिति संगठन और विकास के भागीदार

i) ईजी-6 ने देश के विभिन्न भागों में विभिन्न समुदायों के बीच कार्य कर रहे 40 से अधिक प्रमुख सीएसओ और एनजीओ के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इन संगठनों के द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों के लिए ईजी-6 ने समाधान प्रस्तुत किये ताकि इस संकट के दौरान इन संगठनों को अपने कार्य करने में कोई कठिनाई ना हो।

ii) नीति आयोग के सीईओ ने आयोग के ‘दर्पण’ पोर्टल पर पंजीकृत 92,000 से अधिक एनजीओ/सीएसओ को पत्र लिखे हैं। इन संगठनों से अपील की गई है कि वे हॉटस्पॉट की पहचान करने में सरकार की मदद करें; बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, बच्चों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अन्य कमजोर समूह के व्यक्तियों को सेवाएं प्रदान करने तथा उनकी देखभाल करने के लिए वोलंटियर नियुक्त करें; रोकथाम, एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाये रखने, अलग-अलग रहने, कलंक से लड़ने आदि के प्रति जागरूकता पैदा करें;  बेघरों, दैनिक आधार पर मजदूरी करनेवालों और शहरी गरीब परिवारों को आश्रय प्रदान करें तथा प्रवासियों के लिए सामुदायिक रसोई चलायें।

iii) इसके अलावा, सीईओ ने सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे जिला स्तर पर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दें कि वे एनजीओ और सीएसओ द्वारा उपलब्ध कराये गए भौतिक और मानव संसाधनों का उपयोग करें।

  1. उद्योग संघ- सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम और उद्योग जगत के प्रतिनिधि

i) समिति ने निजी क्षेत्र और स्टार्ट अप्स के मध्य आपसी संवाद की प्रक्रिया शुरू की है ताकि चिकित्सा उपकरण और पीपीई के उत्पादन के लिए आपसी सहयोग बन सके। नवाचार स्वास्थ्य देखभाल समाधान के क्षेत्र में काम करनेवाले 8 स्टार्टअप, सीआईआई की 12 हस्तियां, फिक्की के 6 सीईओ और नैसकॉम के 14 सीईओ ने बैठक में भाग लिया और पीपीई, वेंटिलेटर व चिकित्सा उपकरण की आवश्यकताओं का आकलन; मांग पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन इकाइयों में बदलाव; आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन; नवोन्मेष आधारित समाधान; प्रमाणीकरण के मुद्दें; जीएसटी; कल-पुर्जों पर आयात शुल्क; सरकारी खरीद से संबंधित मुद्दें, प्रशिक्षण;  लॉकडाउन के बाद की अवधि के लिए संचालन प्रक्रियाएं आदि विषयों पर विचरा-विमर्श किया।

ii) नवोन्मेष वेंटिलेटर डिजाइन, जांच के उपकरण और निगरानी समाधान जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे अगमा, बायोडिजाइन इनोवेशन लैब, काईएनात, क्योर एआईड्रोन मैप, एमफाईन, माइक्रोगो, स्टाम्यू जैसे स्टार्टअप्स से संपर्क किया गया ताकि उनके पैमाने और संभावित योगदान का आकलन किया जा सके।

iii) उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने परोपकार और सीएसआर गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इन गतिवधियों में कारखानों में रसोई स्थापित करके मुफ्त भोजन वितरित करने तथा कारखाने के अस्पतालों/परिसरों/गेस्ट हाउसों को आश्रय स्थल तथा क्वारेंटाइन सुविधा बनाना शामिल हैं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन से सहयोग स्थापित किया गया है।

iv) ईजी-6 और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य देखभाल हस्तक्षेफ, अन्य ईजी के सहयोग से वेंटिलेटर, पीपीई, जांच किट आदि के उत्पादन और सरकारी खरीद को तेजी से बढ़ाने सम्बन्धी विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया र इनमें से कई चुनौतियों के लिए समाधान भी प्रस्तुत किये। इसके अलावा राहत, पुनर्वास और सूचना प्रसार के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई।

v) ईजी-6 ने सभी हितधारकों के साथ सरकार के निर्णयों/कदमों से संबंधित सूचनाएं साझा की जैसे पीपीई और वेंटिलेटर की सरकारी खरीद, विदेश मंत्रालय की भूमिका, सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ संवाद, 92,000 सीएसओ को पत्र भेजना; सभी हितधारकों का एक दूसरे से संपर्क बनाए रखना, निजी क्षेत्र के आपसी समन्वय में आनेवाली अड़चनों को दूर करने के तात्कालिक उपाय आदि।इसके अलावा सरकारी खरीद (ईजी 3), लॉजिस्टिक (ईजी 5) और अन्य ईजी के साथ विशेष मुद्दों पर उद्योग जगत को जोड़ने से संबंधित आपसी समन्वय भी स्थापित किये गए हैं।

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