समग्र, समावेसी एवं सुनियोजित विकास हेतु जनगणना समय की मांग: नरेन्द्र कश्यप

उ0प्र0 सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नरेन्द्र कश्यप (स्वतंत्र प्रभार) की अध्यक्षता में आज उनके सरकारी आवास 11 एन.डी.एम.आर. विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ में जनगणना-2027 के अन्तर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) सत्र आयोजित हुआ, जिसमें मा0 मंत्री जी ने स्व-गणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
मंत्री श्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि इस पहल से नागरिकों को स्वयं अपनी एवं परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल पर http://se.census.gov.in ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर प्राप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की किवह ‘स्व-गणना’ के माध्यम से जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करें। इसका उद्देश्य डेटा संकलन की गति में वृद्धि एवं त्रुटिहीन सटीक डेटा प्राप्त करना है। उन्होंने बताया कि इस जनगणना-2027 के प्रथम चरण अर्थात स्व-गणना प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा एवं गोपनीयता के सभी मानकों पर पूर्णतः अनुपालन को सुनिश्चित किया जायेगा। 15 दिनों की इस अवधि के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य आरम्भ होगा। मंत्री जी ने इस बात पर जोर दिया कि सटीक जनगणना के आंकड़े ही राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं।
श्री कश्यप ने बताया कि इस स्व गणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश स्तर से लेकर जनपद एवं ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। नागरिकों की सुविधा हेतु हेल्पडेस्क एवं सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएं, जिससे प्रत्येक व्यक्ति इस प्रक्रिया में सहजता से सहभागिता कर सके। उन्होंने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिये कि वह अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें।
अन्त में मंत्री जी ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी तथा इससे प्राप्त आकडें राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन मंे अत्यन्त सहायक सिद्ध हांेगे।
कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकण विभाग के उच्चाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य विभागीय कर्मी भी उपस्थित रहे।



