DA Hike : इस दिन तक बढ़ जाएगी कर्मचारियों की सैलरी, जाने कितना बढ़ेगा महंगाई भत्ता

HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike for Government Employees) आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को इस साल बड़ा तोहफा मिल सकता है। उनके वेतन और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA hike) की संभावना है। बताया जा रहा है कि होली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) और पेंशनर्स को यह खुशखबरी मिल सकती है, जो उनके लिए खास उपहार साबित होगी।
DA में बढ़ोतरी, कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा तोहफा-
डीए बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) को जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है। होली से पहले उनके महंगाई भत्ते (DA) में इजाफा किया जा सकता है। लेबर ब्यूरो ने दिसंबर 2025 का AICPI-IW डेटा जारी कर दिया है, जिसके अनुसार इस बार महंगाई भत्ते में लगभग 2% की बढ़ोतरी होने की संभावना है। आधिकारिक घोषणा सरकार की ओर से बाद में की जाएगी।
DA बढ़ोतरी का तोहफा-
डीए बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) को जल्द ही बड़ा तोहफा मिल सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में होली से पहले बढ़ोतरी का ऐलान होने की संभावना है। लेबर ब्यूरो ने दिसंबर 2025 का AICPI-IW डेटा जारी कर दिया है, जिसके आधार पर इस बार DA में करीब 2 फीसदी इजाफा माना जा रहा है। हालांकि, इसका आधिकारिक एलान सरकार की ओर से किया जाएगा।
कितना बढ़ेगा डीए-
सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की समयसीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जबकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी लागू नहीं हुई हैं। ऐसे में फिलहाल महंगाई भत्ता (DA) 7वें वेतन आयोग की बेसिक सैलरी (employees basic salary) के आधार पर ही कैलकुलेट किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बार DA में 2 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार हर साल दो बार, जनवरी और जुलाई में, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा करती है। डीए की गणना तय फॉर्मूले के अनुसार की जाती है, जिसके आधार पर बढ़ोतरी तय होती है।
महंगाई और महंगाई भत्ते के बीच क्या है सीधा कनेक्शन-
सरकार हर साल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी (employees salary) में बढ़ोतरी करती है। महंगाई के असर से राहत देने के लिए साल में दो बार महंगाई भत्ते (DA) में इजाफा किया जाता है। डीए की गणना में AICPI-IW के आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स के जरिए रोजमर्रा की जरूरतों की महंगाई को मापा जाता है। 12 महीनों के औसत के आधार पर AICPI-IW के आंकड़े जारी किए जाते हैं, जिनके अनुसार डीए बढ़ाने का फैसला किया जाता है।



