Bollywood Actor : जब अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा व्यस्त थे मास्टर राजू घंटों इंतज़ार करते थे बिग बी, फिल्म फरार के सेट का हैरान करने वाला किस्सा

Post

 News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे बाल कलाकार रहे हैं जिन्होंने बड़े सितारों की चमक के आगे अपनी एक अलग रोशनी बिखेरी है। उन्हीं में से एक नाम है मास्टर राजू (Raju Shrestha)। एक समय ऐसा था जब मास्टर राजू की डिमांड इतनी ज्यादा थी कि फिल्म इंडस्ट्री के ‘शहंशाह’ अमिताभ बच्चन को भी उनके लिए सेट पर घंटों इंतज़ार करना पड़ता था। फिल्म ‘फरार’ (1975) के सेट से जुड़ा यह किस्सा आज भी लोगों को हैरान कर देता है।

अमिताभ से ज्यादा काम, राजू के लिए रुकती थी शूटिंग

हाल ही में एक साक्षात्कार में मास्टर राजू ने अपने सुनहरे दिनों को याद करते हुए बताया कि उस दौर में उनके पास फिल्मों की इतनी लंबी कतार थी कि उन्हें शिफ्ट्स में काम करना पड़ता था।

शिफ्ट का खेल: राजू सुबह एक फिल्म की शूटिंग करते थे, दोपहर में दूसरी और शाम को तीसरी।

अमिताभ का इंतज़ार: फिल्म ‘फरार’ की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन सेट पर तैयार बैठे रहते थे, लेकिन मुख्य शॉट तब तक शुरू नहीं हो पाता था जब तक मास्टर राजू दूसरी फिल्म का काम खत्म करके वहां नहीं पहुँच जाते थे।

बिग बी की सादगी और मास्टर राजू का टैलेंट

अमिताभ बच्चन ने कभी इस बात का बुरा नहीं माना कि एक बच्चा उन्हें इंतज़ार करवा रहा है। राजू बताते हैं, “अमित जी बहुत ही सुलझे हुए इंसान थे। वे जानते थे कि एक बाल कलाकार के तौर पर मुझ पर कितना काम का बोझ है। वे अक्सर सेट पर मेरे साथ मस्ती करते थे और मुझे प्रोत्साहित करते थे।”  ‘नेशनल अवार्ड’ विजेता बाल कलाकार

मास्टर राजू केवल व्यस्त ही नहीं थे, बल्कि वे बेहद प्रतिभाशाली भी थे। फिल्म ‘चितचोर’ के लिए उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Award) भी मिला था।

यादगार फिल्में: उन्होंने ‘परिचय’, ‘बावर्ची’, ‘अभिमान’ और ‘दीवार’ जैसी कालजयी फिल्मों में काम किया।

वॉयस ओवर आर्टिस्ट: बहुत कम लोग जानते हैं कि आज राजू श्रेष्ठा एक सफल डबिंग आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने कई हॉलीवुड फिल्मों और कार्टून किरदारों को अपनी आवाज दी है।

क्यों आज भी याद किए जाते हैं मास्टर राजू?

आज के दौर में जहाँ बाल कलाकार अक्सर अपनी मासूमियत खो देते हैं, मास्टर राजू की अदाकारी में एक सहजता थी। उनकी और अमिताभ बच्चन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। यह किस्सा हमें बॉलीवुड के उस दौर की याद दिलाता है जहाँ स्टारडम से ऊपर कला और समय की पाबंदी को महत्व दिया जाता था।

–Advertisement–

Related Articles

Back to top button