बैडमिंटन: साइना का खिताब बरकरार, सौरभ तीसरी बार बने विजेता – Online Latest News Hindi News , Bollywood News
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बैडमिंटन: साइना का खिताब बरकरार, सौरभ तीसरी बार बने विजेता

गुवाहाटी: सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप के महिला एकल फाइनल में शनिवार को सायना नेहवाल और पीवी सिंधु के बीच भिडं़त हुई, जिसमें सिंधु को 21-18, 21-15 से मात देकर सायना ने न सिर्फ भारतीय महिला बैडमिंटन जगत में अपना वर्चस्व फिर से कायम किया बल्कि चैम्पियनशिप के 83वें संस्करण का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम किया। पुरुष एकल कटेगरी में सौरभ वर्मा ने एशियाई जूनियर चैम्पियन लक्ष्य सेन को 21-18, 21-13 से हराते हुए तीसरी हार राष्ट्रीय चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।

एकल विजेताओं को 3.5 लाख रुपये का पुरस्कार मिला जबकि उपविजेताओं को 1.7 लाख रुपये मिले। एकल में सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को क्रमश : 62500 और 27500 रुपये का पुरस्कार मिला।

सायना और सिंधु के बीच का मुकाबला काफी बहुप्रतिक्षित था और यह बीते साल हुए फाइनल का रिपीट साबित हुआ। बीते साल भी सायना ने सिंधु को ही हराकर तीसरी बार चैम्पियन बनने से रोका था। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भारतीय बैडमिंटन संघ के प्रमुख हिमंता बिस्वा सरमा भी इस रोमांचक मैच का गवाह बने।

सायना ने धीमी शुरुआत की लेकिन धीरे-धीरे लय पकड़ने लगीं। पहले गेम में 1-3 से पीछे रहने के बाद उन्होंने अपने पति और बैडमिंटन स्टार पारुपल्ली कश्यप की हौसलाअफजाई के बीच 5-5 की बराबरी कर ली। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार टक्कर हुई और स्कोर एक समय 10-10 तक पहुंच गया। सायना ने इसके बाद अपने अनुभव का फायदा उठाकर सिंधु को दोयम साबित किया और 16-12 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद सायना ने सिंधु को अंक लेने से रोकते हुए यह गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में सिंधु ने आक्रामक शुरूआत की और 5-3 की बढ़त बना ली। इसके बाद हालात सायना के पक्ष में आता दिखा और उन्होंने 12-9 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सायना ने सिंधु पर लगातार बढ़त बनाए रखते हुए स्कोर अपने पक्ष में 17-13 कर लिया। सिंधु का खेल यहां दम तोड़ता दिखा और अंतत: सायना ने यह गेम 21-15 से अपने नाम कर खिताब पर कब्जा जमा लिया। यह मैच 44 मिनट चला।

सायना का यह चौथा खिताब है। उन्होंने इससे पहले 2006, 2007 और 2017 में यह खिताब जीता था। वहीं, सिंधु अगर जीत जातीं तो उनका यह तीसरा खिताब होता। वह इससे पहले 2011 और 2013 में चैम्पियन रह चुकी हैं।

पुरुष एकल में सौरभ वर्मा और लक्ष्य सेन के बीच जबर्दस्त मुकाबला देखने को मिला। दोनों इससे पहले 2017 के फाइनल में एक-दूसरे से भिड़ चुके थे।

17 साल के सेन ने पहले तो 6-6 की बराबरी के साथ गेम की शुरुआत की और फिर वह 11-6 से आगे हो गए। सौरभ ने इसके बाद चार अंक हासिल किए लेकिन सेन ने फिर से 15-13 की बढ़त बना ली थी। हालांकि सेन को अपनी गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी और सौरभ ने 21-18 से पहला गेम अपने नाम कर लिया।

सेन ने दूसरे गेम में भी 0-3 से पिछड़ने के बाद 4-4 से बराबरी हासिल की। सौरभ ने इसके बाद सेन को और कोई मौका नहीं दिया और 21-13 से 44 मिनट में गेम और मैच जीत लिया।

सौरभ ने इससे पहले 2011 और 2017 में भी यह खिताब जीता था।

पिछले संस्करण में सात्विक साईराज रेंकीरेड्डी के साथ पुरुष युगल का खिताब हारने के बाद चिराग शेट्टी ने इस बार प्रणय जेरी चोपड़ा के साथ जोड़ी बनाई और वह खिताब जीतने में कामयाब रहे।

दूसरी सीड चिराग और प्रणय की जोड़ी ने अर्जुन एमआर और श्लोक रामचंद्रन की टॉप सीड जोड़ी को 21-13, 22-20 से मात देकर पुरुष युगल वर्ग का खिताब अपने नाम किया।

महिला युगल और मिश्रित युगल के फाइनल में भी टॉप सीड की जोड़ियों को हार का सामना करना पड़ा।

मिश्रित युगल में मनु अत्री और मनीषा के की जोड़ी ने पहला गेम हार के बाद वापसी करते हुए टॉप सीड रोहन कपूर और कुहू गर्ग की जोड़ी को 18-21, 21-17, 21-16 से हराकर खिताब जीता।

महिला युगल में शिखा गौतम और अश्विनी भट्ट के की जोड़ी ने टॉप सीड मेघना जक्कमपुडी और पूर्विशा एस राम की जोड़ी को 21-16, 22-20 से पराजित कर चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।

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