पहाड़ों पर हाड़ कंपाने वाली ठंड शुरू: मनाली में 3 डिग्री तक गिरा पारा, 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

देशभर के मौसम मिजाज में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां देश के कई उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में समय से पहले ही ठिठुरन भरी सर्दी ने दस्तक दे दी है। हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे वहां रातें बेहद सर्द हो गई हैं। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र (डिप्रेशन) के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 13 राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है।
मनाली में पारा 3 डिग्री पहुंचा, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तर भारत के हिमालयी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के प्रभाव से रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। मनाली में न्यूनतम तापमान तेजी से फिसलकर 3 डिग्री सेल्सियस के निचले स्तर पर आ गया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सितंबर के महीने में ही भारी ऊनी कपड़े और हीटर निकालने पर मजबूर होना पड़ा है। शिमला, कुल्लू, श्रीनगर, देहरादून और नैनीताल के कई इलाकों में भी बादलों के डेरे के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले संवेदनशील रास्तों पर चट्टानें गिरने और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों तथा स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन: पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश
पहाड़ों पर गिरते पारे के बीच देश के पूर्वी और मध्य राज्यों में मानसून का दूसरा रूप देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक गहरे दबाव क्षेत्र (डिप्रेशन) के सक्रिय होने से पूर्वी भारत में मौसम काफी उग्र हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, दार्जिलिंग और ओडिशा के पुरी, भुवनेश्वर, बालासोर समेत तटीय इलाकों में 65 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। समंदर में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न उतरने की कड़ी चेतावनी दी गई है।
इसके प्रभाव से बिहार और झारखंड में भी मौसम बदल गया है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश के आसार हैं। वहीं झारखंड के रांची, धनबाद, बोकारो और छत्तीसगढ़ के रायपुर व बिलासपुर जिलों में जोरदार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मध्य-दक्षिण भारत में छिटपुट बौछारें, दिल्ली-एनसीआर में उमस का पहरा
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, दमोह और राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, कोटा संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत के तटीय राज्यों जैसे कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, जहां रुक-रुक कर तेज बारिश दर्ज की जा रही है।
इसके विपरीत, देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम) में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। यहां तेज धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी का असर देखा जा रहा है। हालांकि दिन के समय 30 से 35 किमी प्रति घंटे की गति से सतही हवाएं चलने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में मौसमी चक्र और अधिक स्पष्ट होगा, जिससे मैदानी इलाकों में भी गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाएगी।



