शेयर बाजार में गिरावट के बीच डिफेंस स्टॉक्स ने पकड़ी तेज रफ्तार, इस साल 31% से ज्यादा का बंपर रिटर्न

भारतीय शेयर बाजार में जब चारों तरफ बिकवाली का दबाव और मंदी का माहौल छाया हुआ है, तब रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों ने अपनी मजबूत चमक से निवेशकों को हैरान कर दिया है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है, लेकिन इसके विपरीत डिफेंस शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है। विश्लेषकों का मानना है कि चालू वर्ष के दौरान अब तक डिफेंस स्टॉक्स में 31 प्रतिशत से अधिक की शानदार तेजी दर्ज की जा चुकी है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घरेलू रक्षा बाजार में कितनी अदम्य ताकत और स्थिरता मौजूद है। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के इस दौर में जहां अन्य सेक्टर के शेयर धड़ाम हो रहे हैं, वहीं डिफेंस स्टॉक निवेशकों के पोर्टफोलियो को बचाने का एक मजबूत कवच साबित हो रहे हैं।
भारत सरकार की आत्मनिर्भर नीति और मेक इन इंडिया का असर
डिफेंस शेयरों में लगातार आ रही इस शानदार तेजी के पीछे भारत सरकार की रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' की नीतियां सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित हो रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिसके चलते न केवल भारतीय सेनाओं को आधुनिक हथियार और उपकरण स्वदेशी स्तर पर मिल रहे हैं, बल्कि भारत दुनिया के कई अन्य देशों को भी रक्षा साजो-सामान का निर्यात बड़े पैमाने पर कर रहा है। सरकार की ओर से लगातार डिफेंस बजट में बढ़ोतरी करने और घरेलू कंपनियों को ही बड़े-बड़े ऑर्डर देने के कारण इन कंपनियों के पास ऑर्डर्स की कभी न खत्म होने वाली कतार लग चुकी है। यही वजह है कि शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और फंड हाउस इन कंपनियों के शेयरों पर आंख मूंदकर भरोसा जता रहे हैं और लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
एचएएल, कोचीन शिपयार्ड और बीडीएल जैसे दिग्गज शेयरों का शानदार प्रदर्शन
इस पूरे डिफेंस बूम में सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों (PSUs) जैसे कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। इन कंपनियों के शेयर अपनी मजबूत बैलेंस शीट, बंपर ऑर्डर बुक और शानदार वित्तीय परिणामों के दम पर मार्केट की गिरावट के रुख को मात दे रहे हैं। जब भी बाजार में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक सुरक्षित और मजबूत फंडामेंटल वाले डिफेंस स्टॉक्स की तरफ सुरक्षित पनाह तलाशने के लिए दौड़ पड़ते हैं। रक्षा क्षेत्र की इन कंपनियों के पास अरबों-खरबों रुपये के ऑर्डर पहले से ही बुक हैं, जिनका निष्पादन आने वाले कई वर्षों तक होना है, जिससे इनके मुनाफे की रफ्तार लंबी अवधि तक लगातार बनी रहने की पूरी उम्मीद है।
मौजूदा गिरावट के दौर में निवेशकों के सामने क्या है सही रणनीति
बाजार में जारी मौजूदा उथल-पुथल और गिरावट के माहौल के बीच आम निवेशकों के जेहन में यह सवाल सबसे बड़ा बना हुआ है कि क्या उन्हें इस समय डिफेंस शेयरों में निवेश करना चाहिए या फिर अपने पुराने मुनाफे को बुक करके सुरक्षित हो जाना चाहिए। वित्तीय विशेषज्ञों और मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चूंकि डिफेंस स्टॉक्स इस साल पहले ही 31 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुके हैं, इसलिए इनमें शॉर्ट-थर्म करेक्शन या मुनाफावसूली का दौर कभी भी आ सकता है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय 'एसआईपी' यानी सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए या फिर बाजार में आने वाली हर छोटी गिरावट पर शेयरों को धीरे-धीरे एक्युमलेट करने की रणनीति अपनानी चाहिए। लंबी अवधि के दृष्टिकोण से डिफेंस सेक्टर का भविष्य बेहद उज्जवल है, लेकिन छोटी अवधि में उच्च मूल्यांकन के कारण सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी है।
भविष्य का ग्रोथ इंजन और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
आने वाले दशकों में भारत की रक्षा तैयारी और आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस और अधिक तेजी से बढ़ने वाला है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा डिफेंस कंपनियों को मिलना तय है। ड्रोन तकनीक, मिसाइल सिस्टम, युद्धपोत निर्माण, एवियन इंजन और साइबर डिफेंस जैसे क्षेत्रों में देश तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जिससे इन कंपनियों के कारोबार का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। जो निवेशक शॉर्ट-ट्रेडिंग के बजाय 3 से 5 साल या उससे अधिक के लंबे क्षितिज के साथ डिफेंस शेयरों में निवेश करते हैं, उन्हें इस सेक्टर में अपार संभावनाएं और शानदार वेल्थ क्रिएशन का मौका दिखाई दे रहा है। बाजार की अस्थिरता और गिरावट से घबराने के बजाय निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली रक्षा कंपनियों की गुणवत्ता पर भरोसा रखना चाहिए और अपनी निवेश रणनीति को अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए।



