UP Weather Alert: बंगाल की खाड़ी से उठी मानसूनी हवाओं से बदलेगा मौसम; गोरखपुर-वाराणसी से आगरा तक जानें आज के मौसम का ताजा हाल

उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और वहां से आ रही नम हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादलों का डेरा बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी हवाओं की आवाजाही के बीच कुछ जिलों में जहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं, वहीं कई हिस्सों में अब मानसूनी गतिविधियों में कमी आने से धूप खिलने लगी है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद अब मौसम का पैटर्न दो अलग-अलग रूपों में बंटता नजर आ रहा है—पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादलों और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जबकि पश्चिमी संभाग में शुष्क मौसम और उमस का असर बढ़ रहा है।

पूर्वांचल में बादलों का डेरा: गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में बूंदाबांदी के आसार

मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वांचल के जिलों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता के चलते रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज और बस्ती में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे तथा गरज-चमक के साथ एक-दो स्पेल में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, मीरजापुर और सोनभद्र के इलाकों में भी छिटपुट फुहारों की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब पूर्वी यूपी में भारी या अति भारी बारिश का कोई व्यापक रेड अलर्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय मौसमी तंत्र और बादलों के जमावड़े के कारण कुछ जगहों पर अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

पश्चिमी यूपी और आगरा बेल्ट का हाल: शुष्क मौसम और उमस भरी गर्मी की वापसी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) समेत आसपास के जनपदों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी संभाग में अधिकांश स्थानों पर मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और तेज धूप निकलने के आसार हैं। धूप खिलने और हवा में नमी की अधिकता के कारण दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, स्थानीय संवहन (Local Convection) के कारण आगरा व आसपास के ब्रज क्षेत्र में दोपहर बाद कहीं-कहीं बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है, पर व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल कम है।

आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम? किसानों और यात्रियों के लिए सलाह

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, 11 सितंबर से प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियों में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है, जिससे तराई और पूर्वी यूपी के जिलों में दोबारा अच्छी बारिश का दौर शुरू होने के संकेत हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और कीटनाशकों के छिड़काव से पहले स्थानीय मौसम अपडेट का ध्यान रखें। वहीं, उमस भरे मौसम और अचानक बदलने वाले मिजाज के बीच यात्रियों को भी यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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