चांदी की कीमतों में आई गिरावट, दिल्ली से मुंबई तक लुढ़के भाव; चेक करें प्रमुख 10 शहरों के ताजा रेट

भारतीय सर्राफा बाजार में आज कीमती धातुओं के भाव में हलचल के बीच चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में नरमी और घरेलू स्तर पर इंडस्ट्रियल मांग में आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ा है। राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से लेकर दक्षिण भारतीय बाजारों तक चांदी के दाम नीचे आए हैं, जिससे आभूषण और सिक्कों की खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी आर्थिक रुख के चलते बुलियन मार्केट में दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते घरेलू हाजिर बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।

देश के प्रमुख 10 बड़े शहरों में चांदी के ताजा भाव

देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय परिवहन खर्च, चुंगी शुल्क और राज्यस्तरीय वैट/टैक्स के कारण चांदी की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है। आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:

शहर भाव प्रति 10 ग्राम (₹) भाव प्रति 100 ग्राम (₹) भाव प्रति 1 किलोग्राम (₹)
दिल्ली (Delhi) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
मुंबई (Mumbai) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
चेन्नई (Chennai) ₹2,649 ₹26,490 ₹2,64,900
कोलकाता (Kolkata) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
बेंगलुरु (Bengaluru) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
हैदराबाद (Hyderabad) ₹2,649 ₹26,490 ₹2,64,900
अहमदाबाद (Ahmedabad) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
जयपुर (Jaipur) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
पुणे (Pune) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900
लखनऊ (Lucknow) ₹2,599 ₹25,990 ₹2,59,900

नोट: सर्राफा बाजार के इन मूल भावों के अतिरिक्त आभूषण या बार खरीदते समय 3% जीएसटी (GST) और ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज अलग से देय होता है।

चांदी की कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण

सर्राफा कारोबारियों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारक काम कर रहे हैं:

  • वैश्विक बाजारों में सुस्ती: अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट (Comex) में चांदी की बिकवाली से घरेलू वायदा और हाजिर बाजार दोनों प्रभावित हुए हैं।

  • डॉलर में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए कमोडिटी खरीद महंगी हो जाती है, जिससे मांग में कमी आती है।

  • इंडस्ट्रियल डिमांड में ठहराव: ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल सेक्टर की ओर से औद्योगिक चांदी की नई खरीदारी में अस्थायी सुस्ती दर्ज की गई है।

  • मुनाफावसूली: पिछले कुछ सत्रों में तेजी देखने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा काटा है।

दक्षिण भारत में क्यों रहता है चांदी का भाव ज्यादा?

अक्सर देखा जाता है कि चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में उत्तर भारत के मुकाबले चांदी की कीमतें थोड़ी अधिक होती हैं। इसका मुख्य कारण दक्षिण भारत में चांदी की पारंपरिक और सांस्कृतिक मांग का अत्यधिक होना है। साथ ही, सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स और स्थानीय बुलियन एसोसिएशन द्वारा निर्धारित प्रीमियम भी इन दरों को प्रभावित करते हैं।

खरीदारी करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

यदि आप आभूषण या निवेश के उद्देश्य से चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन मानकों को अवश्य जांचें:

  • हॉलमार्किंग और शुद्धता: हमेशा 999 (शुद्ध चांदी), 925 (स्टर्लिंग सिल्वर) या 900 शुद्धता के मानकों की जांच करें। बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले उत्पाद शुद्धता की गारंटी देते हैं।

  • बिल और जीएसटी: खरीदारी का पक्का बिल अवश्य लें, जिसमें चांदी का शुद्ध वजन, धातु की दर, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख हो।

  • बायबैक पॉलिसी: ज्वेलर से दोबारा बेचने या एक्सचेंज करने की शर्तों (Buyback Terms) की पूरी जानकारी पहले ही ले लें।

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