School Holiday Alert: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा और भारी बारिश के चलते 4 से 12 अगस्त तक स्कूल बंद

विशेष शिक्षा एवं राज्य रिपोर्टर, लखनऊ: सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने और मानसून की भारी बारिश के दोहरे प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित जिला प्रशासनों ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के दर्जनों संवेदनशील जिलों में 4 अगस्त से लेकर 12 अगस्त 2026 तक सभी सरकारी, गैर-सरकारी, एडेड और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है। कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, रूट डायवर्जन और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी मूसलाधार बारिश व आकाशीय बिजली की चेतावनी के कारण यह कदम उठाया गया है ताकि स्कूली बच्चों और बसों को यातायात जाम या किसी अप्रिय घटना का सामना न करना पड़े।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बरेली, बदायूं और मुरादाबाद जैसे प्रमुख जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। मेरठ और मुजफ्फरनगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों पर बने सभी प्राथमिक, माध्यमिक, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच पूरी तरह बंद रहेंगे या आवश्यकतानुसार ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई निजी स्कूल इन आदेशों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और हिमाचल में भी छुट्टियों का अलर्ट: जानिए अन्य राज्यों का पूरा हाल

केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और हिमाचल प्रदेश में भी कांवड़ यात्रा और मौसम की मार के कारण शिक्षण संस्थानों के संचालन पर असर पड़ा है। देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी जिलों में कांवड़ियों की भारी भीड़ और गंगा घाटों पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कांवड़ रूट के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में 4 से 12 अगस्त तक अवकाश घोषित किया है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, शिमला और चंबा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश, भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड के रेड अलर्ट के चलते स्थानीय जिलाधीशों ने एहतियातन स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला व करनाल जैसे शहरों में कांवड़ शिविरों के कारण मुख्य राजमार्गों पर भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, जिसके चलते कई निजी स्कूलों ने 4 से 10 अगस्त के दौरान स्वविवेक से नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस का विकल्प चुना है। प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे स्कूलों द्वारा भेजे जाने वाले आधिकारिक संदेशों पर नजर बनाए रखें और भारी बारिश व जलभराव की स्थिति में बच्चों को जलजमाव वाले क्षेत्रों या नदी-नालों के आसपास न जाने दें। जिलाधिकारियों का कहना है कि 12 अगस्त को शिवरात्रि के मुख्य जलाभिषेक के बाद यातायात सामान्य होने पर सभी स्कूल पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार दोबारा खोल दिए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button