रिकॉर्ड हाई छूने के बाद अचानक औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, Fitch की इस रिपोर्ट ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

रिकॉर्ड हाई छूने के बाद अचानक औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, Fitch की इस रिपोर्ट ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सुबह के कारोबार में जिस रफ्तार से बाजार ने उड़ान भरी थी, दोपहर होते-होते वह सारी तेजी हवा हो गई। चौतरफा बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स अपनी दिन की ऊंचाई से करीब 500 अंक से ज्यादा फिसल गया। बाजार की इस अचानक आई गिरावट ने न सिर्फ रिटेल निवेशकों को चौंका दिया, बल्कि दलाल स्ट्रीट पर भी हड़कंप मचा दिया। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) की एक रिपोर्ट को भी बड़ा कारण माना जा रहा है।

शानदार शुरुआत के बाद मुनाफावसूली हावी

कारोबारी सत्र की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले और देखते ही देखते बाजार ने एक नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया। लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहने के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में आई भारी बिकवाली के चलते बाजार देखते ही देखते लाल निशान की तरफ बढ़ गया। जानकारों का कहना है कि ऊंचे वैल्यूएशन के कारण बाजार में इस तरह का करेक्शन आना स्वाभाविक था, लेकिन Fitch की रिपोर्ट ने आग में घी का काम किया।

Fitch Ratings ने घटाया भारत की GDP का अनुमान

बाजार की इस गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) की ताजा रिपोर्ट को माना जा रहा है। फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी (GDP) विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। रेटिंग एजेंसी के इस कदम से घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के बीच सेंटिमेंट कमजोर हुआ। फिच का मानना है कि वैश्विक आर्थिक मंदी और बढ़ती ब्याज दरों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भी देखने को मिल सकता है। इस नकारात्मक खबर के आते ही बाजार में बिकवाली का दौर और तेज हो गया।

इन सेक्टर्स और शेयरों में दिखा सबसे ज्यादा दबाव

आज के इस उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सबसे ज्यादा मार हैवीवेट शेयरों पर पड़ी। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में आई गिरावट ने सूचकांक को नीचे खींचने का काम किया। इसके अलावा मेटल और रियल्टी इंडेक्स भी दबाव में नजर आए। हालांकि, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर्स में निचले स्तरों पर थोड़ी बहुत खरीदारी जरूर देखी गई, जिसने बाजार को और अधिक गिरने से रोकने का प्रयास किया।

निवेशक अब आगे क्या करें?

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक स्वस्थ करेक्शन (Healthy Correction) हो सकता है, क्योंकि बाजार काफी समय से लगातार बढ़ रहा था। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें वैश्विक बाजारों के रुख और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी रहेंगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में किस्तों में निवेश (SIP) की रणनीति अपनानी चाहिए।

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