खरीफ 2026 की तैयारी तेज, किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे बीज और मिनी किट- सूर्य प्रताप शाही

खरीफ 2026 के सफल संचालन हेतु कृषि विभाग ने बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि खरीफ सीजन में खेती-किसानी में कोई बाधा न आए। यह बात आज प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि भवन के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के कुल 1,96,117 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग द्वारा दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी वितरित किए जाएंगे। वर्तमान में 15 मई से 80,000 क्विंटल धान के बीजों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी आपूर्ति जनपदों में सुनिश्चित की जा रही है। इस वर्ष राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 49,129 क्विंटल दलहन बीज (उर्द, मूंग और अरहर) तथा मूंगफली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 57,446 क्विंटल बीज अनुदान पर दिए जाएंगे। मूंग के लिए 3,946 क्विंटल, उर्द के लिए 23,958 क्विंटल तथा अरहर के लिए 21,225 क्विंटल का वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मक्का बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 15 मई को कानपुर में पहली मंडलीय किसान गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें चित्रकूट, झांसी और कानपुर मंडल के किसान व वैज्ञानिक शामिल होंगे। इसके बाद 21 मई को लखनऊ में राज्य स्तरीय गोष्ठी होगी।
उर्वरकों की स्थिति पर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 27.54 लाख मीट्रिक टन खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिसमें 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.79 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.66 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 91 हजार मीट्रिक टन पोटाश शामिल है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए यूरिया का संतुलित प्रयोग करें। उर्वरकों की कालाबारी रोकने हेतु 10 जनपदों में विशेष जांच टीमें भेजी जा रही हैं।
हाल ही में बुलन्दशहर के अनूपशहर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और कृषि विभाग ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे तीन ट्रकों से 1575 बैग इफको यूरिया बरामद किया है। इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोहम्मद हारून, ट्रक चालकों और पीसीएफ के कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में सामने आया कि यह उर्वरक पीसीएफ बफर गोदाम से अवैध तरीके से निकाला गया था। कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाद की तस्करी में शामिल दोषियों के खिलाफ रासुका (एनएसए) के तहत भी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।



