बेंगलुरु-पुणे के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, अब रात भर में पूरा होगा सफर, जानें रूट और समय

News India Live, Digital Desk: भारतीय रेलवे जल्द ही दक्षिण और पश्चिम भारत के दो बड़े आईटी हब्स, बेंगलुरु और पुणे के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक शानदार सौगात देने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने बेंगलुरु-पुणे रूट पर बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper) ट्रेन चलाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। यह ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि यात्रियों को हवाई जहाज जैसी सुख-सुविधाओं के साथ रात भर के सफर का आरामदायक अनुभव भी प्रदान करेगी।बिजनेस क्लास सुविधाओं के साथ रात का सफरवर्तमान में बेंगलुरु और पुणे के बीच चलने वाली ट्रेनों में काफी समय लगता है, लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस दूरी को महज 12 से 13 घंटों में पूरा कर लेगी। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसके स्लीपर कोच हैं, जिन्हें विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रेन में एर्गोनोमिक कुशनिंग, सेंसर-आधारित लाइटिंग, शोर रहित केबिन और आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।क्या होगा संभावित रूट और स्टॉपेज?हालांकि रेलवे ने अभी आधिकारिक समय सारणी (Time Table) जारी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह ट्रेन बेंगलुरु के केएसआर स्टेशन या यशवंतपुर से रवाना होकर दावणगेरे, हुबली, बेलगावी और कोल्हापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए पुणे पहुँचेगी। यह रूट विशेष रूप से उन पेशेवरों और छात्रों के लिए वरदान साबित होगा जो बार-बार इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं।सुरक्षा के लिए ‘कवच’ तकनीक से लैसवंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सुरक्षा के लिहाज से भी बेमिसाल होंगी। ये ट्रेनें पूरी तरह से स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (KAVACH) से लैस होंगी, जो दो ट्रेनों की टक्कर को रोकने में सक्षम है। इसके अलावा, ट्रेन में आग लगने की स्थिति में स्वचालित अलार्म, बेहतर अग्निशमन प्रणाली और हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।कब से शुरू होगी सेवा?रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर का प्रोटोटाइप परीक्षण अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों के भीतर इसका परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। किराए की बात करें तो यह ट्रेन प्रीमियम श्रेणी की होगी, इसलिए इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर या उससे थोड़ा अधिक हो सकता है।

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