ट्रंप की चेतावनी और ईरानी जहाज की जब्ती, क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें क्रूड का हाल

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया है। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) देखा जा रहा है।क्या है पूरा मामला?अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की कि ईरानी जहाज को सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया गया है।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान ने इसके जवाब में एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल कॉरिडोर’ है, जहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है।तनाव की स्थिति: पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच संघर्ष जारी है, जिससे तेल की सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा बना हुआ है।कच्चे तेल की कीमतों पर असर (Crude Oil Trends)ट्रंप के इस कदम के बाद ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इसमें मामूली गिरावट देखी जा रही है।कीमत: सोमवार को ब्रेंट क्रूड 5% उछलकर $96 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन आज (21 अप्रैल 2026) इसमें करीब 1-2% की कमी आई है और यह $94-$95 के आसपास ट्रेड कर रहा है।कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि सप्लाई का खतरा है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित वार्ता की खबरों ने बाजार को थोड़ा स्थिर किया है।भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम (Current Fuel Prices in India)वैश्विक तनाव के बावजूद, भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) ने आज यानी 21 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)दिल्ली₹94.77₹87.67मुंबई₹103.54₹90.03कोलकाता₹105.45₹92.02चेन्नई₹100.84₹92.39लखनऊ₹95.34₹88.50क्या भविष्य में दाम बढ़ेंगे?विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है:मार्केटिंग लॉस: यदि कच्चा तेल $100 के पार जाता है, तो भारतीय तेल कंपनियों का घाटा बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतें बढ़ने पर कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹18 और डीजल पर ₹35 प्रति लीटर तक का घाटा उठाना पड़ सकता है।एलपीजी के दाम: पहले ही 1 अप्रैल को कमर्शियल एलपीजी के दाम में करीब ₹195 की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो भविष्य में घरेलू ईंधन की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है।



