बंगाल चुनाव में पोस्टर वॉर हरिनघाटा की दीवारों पर छिड़ा महासंग्राम, BJP प्रत्याशी असीम सरकार ने TMC को घेरा

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। इस बार चुनावी रणभूमि केवल रैलियों और जनसभाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रचार के बेहद रचनात्मक और कहीं-कहीं ‘तीखे’ तरीके अपनाए जा रहे हैं। नदिया जिले के हरिनघाटा (Haringhata) में दीवारों पर लगे व्यंग्यात्मक पोस्टरों और नारों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी (BJP) प्रत्याशी असीम सरकार ने इन पोस्टरों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘मर्यादाविहीन राजनीति’ करार दिया है।हरिनघाटा के वार्ड नंबर 4 में पोस्टर से तनावहरिनघाटा के वार्ड नंबर 4 की दीवारें इस समय सियासी जंग का मैदान बनी हुई हैं। यहाँ ‘No Vote to BJP’ जैसे नारों के साथ कई व्यंग्यात्मक पोस्टर चस्पा किए गए हैं। स्थानीय सूत्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ये पोस्टर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में भाजपा नेताओं के कार्टून और ऐसे संदेश लिखे गए हैं जो सीधे मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।’डिटेंशन सेंटर’ का डर और व्यंग्य का तड़काइन पोस्टरों की सबसे खास और विवादित बात यह है कि इनमें कथित तौर पर ‘डिटेंशन सेंटर’ का जिक्र कर मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। संदेशों के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया है कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति और नागरिकता के मुद्दों पर आम लोगों को परेशानी हो सकती है। इस तरह के ‘नकारात्मक प्रचार’ ने इलाके में वैचारिक बहस छेड़ दी है।’गानों से प्रचार’ करने वाले असीम सरकार हुए आगबबूलाअपने ‘कवि गान’ और सुरीले अंदाज में चुनाव प्रचार के लिए मशहूर भाजपा प्रत्याशी असीम सरकार ने इस अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “राजनीति में शालीनता और सम्मान होना चाहिए। व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक कार्टून बनाकर आप जनता का दिल नहीं जीत सकते।” उन्होंने इन पोस्टरों को विपक्ष की ‘हताशा’ बताते हुए कहा कि भाजपा विकास और मानवता के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, न कि डर फैलाकर।बंगाल में ‘हटकर’ प्रचार: कहीं मछली तो कहीं हजामतइस बार बंगाल के चुनाव में प्रचार के कुछ बेहद ‘अतरंगी’ तरीके भी चर्चा बटोर रहे हैं:बिधाननगर: भाजपा के शरद्वत मुखर्जी ने मछली के साथ प्रचार कर यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी पार्टी खान-पान पर कोई पाबंदी नहीं लगाएगी।असनसोल: अग्निमित्रा पॉल साइकिल चलाकर गांवों तक पहुंच रही हैं।अन्य इलाके: कई उम्मीदवार स्थानीय नाई की दुकान पर बैठकर लोगों की हजामत बनाते या रसोई में सब्जियां काटते हुए ‘वोटर कनेक्ट’ की कोशिश कर रहे हैं।रचनात्मकता या विवाद का नया जरिया?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीखें (23 और 29 अप्रैल) करीब आ रही हैं, पार्टियों के बीच का यह ‘रचनात्मक युद्ध’ और भी कड़वा हो सकता है। हरिनघाटा की दीवारों से शुरू हुई यह पोस्टर वॉर अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिससे बंगाल का चुनावी मिजाज और अधिक गर्मा गया है

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