Rajpal Yadav Comedy : छोटा पंडित से लक्ष्मण तक, राजपाल यादव के वो 5 किरदार जिनके बिना अधूरी है बॉलीवुड की कॉमेडी

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News India Live, Digital Desk: भारतीय सिनेमा में जब भी कॉमेडी की बात होती है, तो राजपाल यादव का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के हाव-भाव और अनोखी आवाज के दम पर उन्होंने कई ऐसी भूमिकाएं निभाई हैं जो आज ‘मीम’ की दुनिया के साथ-साथ सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर राज करती हैं। ‘भूत बंगला’ में एक बार फिर अक्षय कुमार के साथ धमाका करने को तैयार राजपाल यादव के ये हैं वो 5 सबसे लोकप्रिय रोल:

1. छोटा पंडित (भूल भुलैया)

‘भूल भुलैया’ (2007) का वह दृश्य कौन भूल सकता है जब लाल रंग में सने राजपाल यादव ‘छोटा पंडित’ बनकर पर्दे पर आते हैं। अक्षय कुमार के साथ उनकी नोक-झोंक और “पानी-पानी” वाला डायलॉग आज भी कल्ट क्लासिक माना जाता है। इस किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

2. लक्ष्मण (धोल)

फिल्म ‘धोल’ में राजपाल यादव ने ‘लक्ष्मण’ का किरदार निभाया था। अपनी गरीबी को छिपाने की कोशिश और रईस बनने के चक्कर में की गई उनकी हरकतों ने दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। “अरे तू जा रे…” वाला उनका अंदाज़ आज भी इंटरनेट पर छाया रहता है।

3. बांकेलाल (चुप चुप के)

शाहिद कपूर और राजपाल यादव की ‘चुप चुप के’ बॉलीवुड की सबसे मजेदार फिल्मों में से एक है। इसमें बांकेलाल के रूप में राजपाल यादव का ‘जबरदस्ती का सारथी’ बनना और शक्ति कपूर के साथ उनकी केमिस्ट्री बेमिसाल थी। “मुझको तो ऐसा धक-धक होरेला है” जैसे सीन्स आज भी फ्रेश लगते हैं।

4. राजा (मुझसे शादी करोगी)

अक्षय कुमार और सलमान खान की इस फिल्म में राजपाल यादव ने दोहरी भूमिका निभाई थी एक में वे ‘पॉल’ थे और दूसरे में वे एक छोटे से गैंग के लीडर ‘राजा’ बने थे। अक्षय कुमार द्वारा उन्हें बार-बार थप्पड़ मारने और फिर उनकी प्रतिक्रिया ने थिएटर में हंसी के ठहाके लगवा दिए थे।

5. पप्पू पेजर (फिर हेरा फेरी)

‘फिर हेरा फेरी’ में पप्पू पेजर के किरदार ने राजपाल यादव को एक अलग ही लेवल पर पहुँचा दिया। एक छोटा सा गुंडा जो अपनी धौंस जमाने की कोशिश करता है लेकिन खुद ही मुसीबत में फंस जाता है, इस रोल को राजपाल ने बखूबी निभाया।

क्यों खास हैं राजपाल यादव?

राजपाल यादव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे बिना कुछ बोले भी अपनी आंखों और चेहरे की मांसपेशियों से कॉमेडी कर सकते हैं। प्रियदर्शन जैसे निर्देशकों के साथ उनकी जुगलबंदी ने हिंदी सिनेमा को कॉमेडी का ‘स्वर्ण युग’ दिया है। ‘भूत बंगला’ में उनके आने से फैंस को उम्मीद है कि एक बार फिर ‘छोटा पंडित’ जैसा कोई कल्ट किरदार देखने को मिलेगा।

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