’उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026 का बृहद एवं सफल आयोजन किया गया

उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री उद्योग को नई ऊचाईयों पर ले जाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेश में प्रथम बार पोल्ट्री इंडिया के सहयोग से ’’उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कांक्लेव 2026’’ का बृहद एवं सफल आयोजन गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया गया। पोल्ट्री कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र मंे आज इन्वेस्टर समिट में मुख्य अतिथि महोदय श्री मनोज कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन एवं सीईओ स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, विशिष्ट अतिथि श्री संजय भूसरेड्डी आईएएस एम0डी0 रेरा तथा श्री मुकेश मेश्राम अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास उत्तर प्रदेश शासन की गरिमामयी उपस्थिति में शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर श्री देवेंद्र कुमार पांडे, विशेष सचिव, पशुधन, उत्तर प्रदेश शासन ने बताया कि कॉन्क्लेव में श्री मुकेश बहादुर सिंह, इंडो अमेरिकन चैम्बर, सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, आईआईए के प्रतिनिधियांे द्वारा प्रतिभाग किया गया। बड़ी संख्या में कृषकों/उद्यमियों द्वारा पोल्ट्री उद्योग में रूचि दिखाई गयी एवं इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव, पशुधन महोदय के निर्देशन में उपस्थित 36 पोल्ट्री इन्वेस्टर्स के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किये गये, जिनसे 2267.42 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 के मा0 मुख्यमंत्री जी के प्रेरणा एवं पशुधन मंत्री श्री धर्मपाल सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह कॉन्क्लेव प्रदेश को पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों द्वारा पोल्ट्री फार्मस को नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई गयी है, जिससे उन्हें पोल्ट्री क्षेत्र की समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान में पूरी मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव में उपस्थित अतिथिगणों द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई एवं प्रदेश में अंडा उत्पादन की कमी को दूर करते हुए पोल्ट्री के सेक्टर में ग्रोथ के साथ-साथ भविष्य में इस क्षेत्र में प्रदेश को निर्यातनमुखी बनाए जाने की दृष्टिकोण के विषय पर भी विचार विमर्श किया गया। कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकी चुनौतियों, संभावनाओं एवं नवाचारांे पर मार्गदर्शन दिया गया और गहन विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं वित्तीय सहायता एवं व्यवहारिक समाधान पर भी जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के माध्यम से हितधारकों ने नेटवर्किंग निवेश के अवसरांे एवं आधुनिक तकनीकों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में आये किसानों एवं उद्यमियों को उ0प्र0 कुक्कुट विकास नीति-2022 के लाभों से भी अवगत कराया गया। इस आयोजन के माध्यम से पोल्ट्री सेक्टर की वृद्धि को गति मिलेगी और प्रदेश को अण्डा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने मंे मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव में डॉक्टर पी के शुक्ला प्रोफेसर एंड हेड डीयूवीएएसयू, श्री उदय सिंह बयास, प्रेसिडेंट, आईपीईएमए, श्री ओ पी सिंह, एमडी, एबीटीएल, श्री दीपक तुषीर, सीईओ, श्री मोहित मलिक, प्रेसिडेंट ब्रीडर्स एसोसिएशन, श्री रामपाल टांडा, प्रेसिडेंट, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ़ इंडिया, श्री अमित सिंह तोमर एमडी कोशिश, श्री पारीख जी, डॉक्टर मेमपाल सिंह, निदेशक, प्रशासन एवं विकास, डॉ राजेंद्र प्रसाद, निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया।

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