Gold Rate Down Alert : सोना खाएगा गोता, 1 लाख से नीचे आएगी कीमत, यह है वजह


HR Breaking News (Gold Rate Down) सोने के भाव में गिरावट का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके पीछे वाजिफ कारण भी बताए जा रहे हैं। सोने की कीमतों में गिरावट के बाद सोना एक बार फिर से 1 लाख से नीचे आने के संकेत मिल रहे हैं। चलिए जानते हैं सोने में गिरावट के क्या कारण हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कारण बनेंगे वजह
सोने की कीमतों में गिरावट (Gold Rate Down) की वजह अंतरराष्ट्रीय कारण रहेंगे। फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। कुछ दिनों की गिरावट के बाद सोना चांदी एक स्थिर प्वाइंट पर चल रहे हैं। ऐसे में सोने व चांदी की कीमतों में अब बड़ी गिरावट का अंदेशा है। खासकर सोना फिर से बुरी तरह से पीट सकता है।
रिकॉर्ड स्तर पर दौबारा नहीं पहुंच पाया है सोना
सोने ने 2025 और 2026 की शुरुआत में बहुत सारे रिकॉर्ड (Gold Rate Record) बनाए हैं। सोने ने लगातार लोगों को मुनाफा भी दिया है। सोने में निवेशकों को बंपर मुनाफा मिला है। सोना जनवरी 2026 में 1,80,000 रुपये को पार कर गया था। परंतु फरवरी महीने में यह जमीन पर आता दिख रहा है। आज एमसीएक्स पर सोने की कीमत ₹1,54,044 प्रति दस ग्राम है। यानि की सोने में 1,851 की गिरावट हुई है। इसका मतलब सोना 1.19% कल के मुकाबले कम चल रहा है।
इस वजह से गिर सकता है सोना
सोने की कीमतों में गिरावट (Gold Rate Down) के पीछे रूस के कदम को माना जा रहा है। वैसे भी सोने की कीमतों में तूफानी तेजी पर ब्रेक लग गया है, अब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार रूस फिर से अमेरिका के साथ डॉलर में ट्रेड करने पर सहमत हो गया है। इससे पहले रूस और चीन डॉलर मुक्त व्यापार की अगुवाई कर रहे थे व सोने का भंडार बढ़ा रहे थे।
अमेरिका के साथ आर्थिक साझा
रसिया की ओर से अब अमेरिका (America News) के साथ संबंध सुधारे जा रहे हैं। पुतिन प्रशासन की ओर से मुख्य सेक्टरों में अमेरिका के साथ आर्थिक साझेदारी चाहता है। रूस युक्रेन का युद्ध भी सीक्रेट एग्रीमेंट के तहत रूक सकता है। ऐसे में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक देश रसिया के साथ डॉलर में व्यापार करता है, तो यह सोने की मांग के लिए बहुत बड़ा झटका होगा और कीमतें गिर सकती है।
बैंक भी करेंगे सोने की कम खरीद
सोने की खरीदारी (Gold Buying) पर ब्रेक निवेशक ही नहीं, सेंट्रल बैंक भी लगाने वाले हैं। सोने की कीमतों में बढ़ौतरी के पीछे केंद्रीय बैंकों की बड़ी भूमिका रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SEBI रजिस्टर्ड एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि जब से डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस पहुंचे हैं तब से टैरिफ पॉलिसी शुरू हुई है। ऐसे में मुल्कों ने डॉलर को छोड़कर सोने में सुरक्षित विकल्प के तौर पर धन लगाया है।
क्या होगा रूस की वापसी से
एक्सपर्ट के अनुसार ब्रीक्स नेशंस की ओर से विश्व का 50 प्रतिशत से अधिक सोना खरीदा जाता है। सोना ज्यादा खरीदने से बाजार में सोने की कमी हो गई थी। ऐसे में सोने की कीमतें बढ़ गई थी। ऐसे में रूस डॉलर (Russia Doller) की तरफ आता है तो सोने की खरीदारी पर ब्रेक लगने के साथ-साथ बिकवाली शुरू हो सकती है। ऐसे में सप्लाई ज्यादा होने से सोने की कीमतों की तेजी भी गिर जाएगी।
इतना गिर जाएगा सोना
सोने की कीमतों (Gold Silver Price Update) में बड़े स्तर पर गिरावट का अनुमान है। पेस 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल की रिपोर्ट के अनुसार सोना अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर जाकर आ चुका है। अगर फिर से तेजी आती है तो यह थोड़ी बहुत तेजी महज एक डेड कैट बाउंस होगी। उन्होंने अंदाजा लगाया है कि सोने की कीमत 2027 के अंत तक 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से भी नीचे आ सकती हैं। सोना इंटरनेशनल बाजार में 3,000 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क सकता है। वहीं, निवेशकों को सलाह दी है कि सोना सुरक्षित निवेश नहीं, जोखिक का कारण बन सकता है। उनका मानना है कि लॉन्ग टर्म के सरकारी बॉन्ड सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाले साबित हो सकते हैं।
यह भी है कारण
सोने की कीमतों (Gold Rate Prediction) में भविष्य में गिरावट आने के पीछे रूस और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ जीवाश्म ईंधन, प्राकृतिक गैस में बड़ी साझेदारी देखी जा रही है। ट्रंप ने हमेशा ही डॉलर को मजबूत करने वाली पॉलिसी बनाई है। ऐसे में रूस को अगर अमेरिकी मार्केट व तकनीक का लाभ उठाना है, तो डॉलर को अपनाना पड़ेगा।


