Haryana में बिछाई जाएगी 265 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन, राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी

HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा सरकार की ओर से विकास कार्य को गति देने के लिए कई नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब जल्द ही हरियाणा राज्य में 265 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन को बिछाए जाने का प्लान है। इसके साथ ही यमुना का पानी लाने के लिए राजस्थान (Rajasthan Government Project) को एक मुहिम में बड़ी सफलता मिली है। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-

यमुना जल प्रोजेक्ट में मिली बड़ी सफलता 

राजस्थान सरकार (Rajasthan Government Project) का महत्तवपूर्ण प्रोजेक्ट यमुना जल प्रोजेक्ट में बड़ी सफलता मिली है। 32 साल पुराने यमुना जल समझौते को अमल में लाने के लिए कई कोशिशे की गई है। हरियाणा सरकार की ओर से हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर सहमति दे दी है। यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के लिए अहम है ओर शेखावाटी इलाके के लिए बेहद जरूरी होगी।

राजस्थान को मानसून अवधि में मिलेगा इतना पानी 

राजस्थान सरकार के जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के मुताबिक हथिनी कुंड बैराज से 3 पैरेलल भूमिगत पाइपलाइन को बिछाए जाने का प्लान है। इनसे राजस्थान को मानसून अवधि में 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (million cubic meters) यमुना जल मिल सकेगा और यह पानी खास तौर से पेयजल आपूर्ति और अन्य जरूरतों के लिए यूज में आएगा। बता दें कि हरियाणा पहले अपनी पूरी क्षमता यानी की तकरीबन 24,000 क्यूसेक पानी पश्चिमी यमुना नहर के जरिए इस्तेमाल कर लेगा और बचा हुआ अतिरिक्त पानी राजस्थान को मिलेगा।

राजस्थान सरकार ने कई बार भेजे प्रस्ताव 

इससे पहले राजस्थान को मानसून में 1994 के यमुना जल समझौते के अंतर्गत ताजेवाला हेड से 1,917 क्यूसेक जल अलोट किया गया था, जो कुल यमुना जल के 10.4 प्रतिशत के बराबर है। लेकिन 3 दशकों से यह समझौता इंप्लिट नहीं हो सका। राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) की ओर से कई बार प्रस्ताव भेजे गए। इसके लिए 2017 में सीडब्ल्यूसी को रिपोर्ट भेजी गई और 2019 और 2021 में संशोधित प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन फिर भी हरियाणा राज्य की तरफ से खुली नहर की मांग पर सहमति नहीं बनी।

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मध्य हुआ MOU 

बता दें कि उसके बाद फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों  के बीच नया MOU हुआ। बीते महीने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की मौजूदगी में एलाइनमेंट पर सैद्धांतिक सहमति भी बन गई है और अब हरियाणा के यमुनानगर सिंचाई विभाग (Yamunanagar Irrigation Department)  के अधीक्षण अभियंता ने लिखित में परमिशन लेटर भेजकर डीपीआर तैयार करने का रास्ता क्लियर कर दिया है। यह प्रोजेक्ट शेखावाटी के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से छुटकारा दिलाएगा और चूरू, सीकर और झुंझुनूं के लोगों को पानी की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कही ये बात 

जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार ने इसे जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) और विकसित राजस्थान के मकसद के तौर पर जोड़ा है। आगे चलकर इसमे रेनुकाजी, लखवार और किशाऊ बांधों के निर्माण पर गैर-मानसून में भी पानी मिल सकता है।राजस्थान सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट प्रोविजन किया है और अब जल्द ही डीपीआर फाइनल कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma)  की ओर से इसे अंतर-राज्यीय सहयोग का एक्सिलेंट एग्जांपल  बताया है। यह कदम राजस्थान के लिए पानी की सुरक्षा और विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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