नाना पाटेकर के गुस्से से डरते थे विशाल भारद्वाज? सालों तक साथ काम न करने की वजह का पहली बार खुलासा

सालों पुरानी दोस्ती, पर सेट पर दूरी क्यों?
विशाल भारद्वाज ने खुलासा किया कि वह नाना पाटेकर को तब से जानते हैं जब उन्होंने ‘माचिस’ (1996) के लिए संगीत दिया था। विशाल ने स्वीकार किया कि वह नाना के अभिनय के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं, लेकिन उनके ‘मिजाज’ और ‘गुस्से’ की कहानियों ने उन्हें हमेशा थोड़ा सतर्क रखा। विशाल ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे डर लगता था कि कहीं सेट पर हमारी बहस न हो जाए, क्योंकि हम दोनों ही अपने काम को लेकर बहुत जिद्दी हैं।”
‘ओ रोमियो’ ने मिटा दी दूरियां
विशाल भारद्वाज ने बताया कि जब उन्होंने ‘ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट लिखी, तो उन्हें एहसास हुआ कि इस किरदार के लिए नाना पाटेकर से बेहतर कोई और हो ही नहीं सकता। उन्होंने तय किया कि अब डरने का नहीं, बल्कि साथ काम करने का समय है। विशाल के मुताबिक, “जब मैंने नाना को कहानी सुनाई, तो उन्होंने तुरंत हां कह दिया। सेट पर काम करने का अनुभव मेरी उम्मीदों से बिल्कुल अलग और बेहद शानदार रहा।”
कैसा रहा नाना पाटेकर का व्यवहार?
अक्सर ‘शॉर्ट टैम्पर्ड’ कहे जाने वाले नाना पाटेकर के बारे में विशाल ने बताया कि वे एक ‘डायरेक्टर्स एक्टर’ हैं। उन्होंने कहा कि नाना ने सेट पर न केवल अनुशासन बनाए रखा, बल्कि अपनी परफॉरमेंस से सीन में जान फूंक दी। विशाल ने माना कि उनके मन में जो भी हिचकिचाहट थी, वह पूरी तरह गलत साबित हुई।
फैंस के लिए क्या है खास?
विशाल भारद्वाज की डार्क और इंटेंस स्टोरीटेलिंग और नाना पाटेकर की पावरहाउस एक्टिंग का मेल ‘ओ रोमियो’ को इस साल की सबसे प्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनाता है। यह फिल्म न केवल एक अनोखी कहानी पेश करेगी, बल्कि दो सिनेमाई दिग्गजों के मिलन का गवाह भी बनेगी।



