Success Story : नौकरी नहीं मिली तो शुरू की खेती, यह तकनीक अपना कर कमा रहे सैलरी से ज्यादा

HR Breaking News (Farming Success Story) आज के समय में खेती सिर्फ परंपरा का ही हिस्सा नहीं है बल्कि इसके माध्यम से लोग पैसा भी छाप रहे हैं। एक ऐसे ही किसान के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। बता दें कि जब किसान (Update for farmers) की नौकरी की तलाश में दर-दर भटकने के बाद जब उम्मीदें टूटने लगीं, तब उन्होंने हार मानने के बजाय एक नया रास्ता चुना। ये रास्ता खेती का है। खबर के माध्यम से जानिये उन्होंने खेती करके कैसे कमाई की है।
जानिये कौन है नवीन मौर्य
आज हम आपको जिस किसान के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम नवीन मौर्य है। नवीन मौर्य ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कृषि विषय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई को पूरा करने के बाद उन्होंने काफी समय तक सरकारी नौकरी (Naveen Maurya Biography) की तलाश में मेहनत भी की थी, लेकिन उनको हर कोशिश करने के बाद ही मिली। इसके बाद उन्होंने खेती का रास्ता चुना और इससे बंपर कमाई की।
पुश्तैनी जमीन पर करते हैं पारंपरिक खेती
बता दें कि नवीन कुमार अपनी पुश्तैनी जमीन पर परंपरागत फसलों धान-गेहूं की खेती न करके उद्यानिक फसलों का चयन किया। वे अधिकतर मौसमी फसलों (Capsicum farming Success Story) की ही खेती करते हैं। जिनकी मौसम के मुताबिक बाजारों में मांग बनी रहती है, इसकी वजह से उन्हें अधिक मुनाफे की प्राप्ति हुई।
इन फसलों की खेती करके कमा रहे हैं मुनाफा
नवीन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि उन्होंने साल 2017 में कृषि विज्ञान विषय से लखनऊ विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद लगातार 5 वर्ष तक सरकारी नौकरी (Raebareli Farmer Naveen Maurya) के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं दी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने अपने हुनर का प्रयोग करते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर उद्यानिक फसलों फूलगोभी पत्ता गोभी, टमाटर और केले की खेती (banana farming) करनी शुरू कर दी है। अब वे अच्छी कमाई कर रहे हैं।
इतने रुपये की हो जाती है कमाई
नवीन कुमार के अनुसार, फिलहाल के समय में वह 10 बिस्वा जमीन पर शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया हैं कि खेतों में तैयार शिमला मिर्च को बाराबंकी और रायबरेली जिले की कृषि (Farming Tips) मंडियों में बिक्री करते हैं। जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। सब्जियों की खेती से उन्हें सालाना 5 से 6 लाख रुपये की आसानी से कमाई की जा सकती है।
खेती करने में आती है इतनी लागत
नवीन अपने घर पर ही रहने के साथ स्वयं के मालिक हैं। उन्हें किसी के अधीनस्थ होकर काम भी नहीं करना पड़ता है। 10 बिस्वा जमीन पर शिमला मिर्च की खेती (capsicum cultivation) में लगभग 50 से 60 हजार रुपये की लागत आ रही है। लागत के सापेक्ष मुनाफा भी अच्छा है। वे शिमला मिर्च की खेती मल्चिंग विधि से करते हैं क्योंकि ये ऐसी तकनीक है। इसमें फसल को सिंचाई की जरूरत भी कम पड़ती है। मिट्टी से वाष्पीकरण कम हो जाता है, फल (Fruits Farming) सब्जियां मिट्टी के संपर्क में नहीं आती हैं। इससे उनमें रोग और कीट लगने का खतरा भी कम हो जाता है। ये एक मॉर्डन रहता है। यह एक आधुनिक मॉडर्न फार्मिंग है।



