DA Hike : 1.19 करोड़ कर्मचारियों को झटका, मात्र इतना ही बढ़ेगा महंगाई भत्ता


HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike) आठवें वेतन आयोग के दौर की शुरुआत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आती नहीं दिख रही है। ताजा महंगाई आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से जून 2026 के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी संभव है। इसके बाद DA/DR की दर 58% से बढ़कर लगभग 60% हो जाएगी।
इस बढ़ोतरी को मार्च 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है, यानी होली से ठीक पहले। खास बात यह है कि यह 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने के बाद होने वाली पहली DA बढ़ोतरी होगी।
“CPI-IW के आंकड़ों से 2% DA बढ़ोतरी तय-
लेबर ब्यूरो की ओर से जारी दिसंबर 2025 के CPI-IW आंकड़े इस अनुमान पर मुहर लगाते हैं। दिसंबर में ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स 148.2 अंक पर स्थिर रहा। इसके साथ ही जनवरी 2026 से मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) की गणना पूरी तरह फाइनल हो गई है।
जुलाई से दिसंबर 2025 के 12 महीने के औसत CPI-IW के आधार पर DA 60.34% निकलता है। परंपरा के मुताबिक सरकार दशमलव हटा देती है और DA/DR को 60% पर फिक्स कर देती है। यानी 1 जनवरी 2026 से DA/DR 60% माना जाएगा।
इससे अगली DA बढ़ोतरी को लेकर चल रही सारी अटकलों पर विराम लग गया है, और साफ हो गया है कि बढ़ोतरी मामूली ही रहने वाली है।
7 साल में सबसे कम DA बढ़ोतरी-
2% की DA बढ़ोतरी आम तौर पर कम ही देखने को मिलती है। इससे पहले इतनी कम बढ़ोतरी जुलाई 2018 और जनवरी 2025 में हुई थी। ऐसे में इसे पिछले सात साल से अधिक समय की सबसे कम DA बढ़ोतरी माना जा रहा है, जबकि महंगाई अब भी पूरी तरह काबू में नहीं है।
जो कर्मचारी और पेंशनभोगी (pensioner) नए वेतन आयोग के दौर की शुरुआत में ज्यादा राहत की उम्मीद कर रहे थे, उनके लिए यह फैसला निराशाजनक साबित हो सकता है।
क्यों है जनवरी 2026 की DA बढ़ोतरी खास-
यह DA बढ़ोतरी केवल एक नियमित संशोधन नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी असर हो सकते हैं, खासकर 8वें वेतन आयोग के लिहाज से। सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को पूरी हो चुकी है। जनवरी 2026 से लागू होने वाली यह DA बढ़ोतरी पहली बार उस दायरे से बाहर होगी, इसलिए इसे ट्रांजिशन फेज की बढ़ोतरी (Growth of the transition phase) माना जा रहा है।
शुरुआती दौर में है 8वां वेतन आयोग-
हालांकि आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest update) का गठन हो चुका है, लेकिन इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस में लागू होने की तारीख तय नहीं की गई है। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने तक का समय मिला है। पिछले अनुभवों के मुताबिक, इसके बाद भी सिफारिशों को लागू होने में 1 से 2 साल का समय लग सकता है।
इसका मतलब है कि नई सैलरी (new salary) और पेंशन में असली बढ़ोतरी 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में ही देखने को मिल सकती है।
DA की धीमी रफ्तार का फिटमेंट फैक्टर पर असर-
यहीं से कर्मचारियों की चिंता बढ़ जाती है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, उस समय मौजूद DA आमतौर पर बेसिक पे में मर्ज (merge into basic pay) कर दिया जाता है और DA फिर से शून्य से शुरू होता है। फिटमेंट फैक्टर, यानी नया वेतन और पेंशन तय करने वाला गुणक, काफी हद तक उसी समय के DA स्तर पर निर्भर करता है।
अगर जनवरी 2026 में DA 60% से शुरू होकर आगे भी धीरे-धीरे बढ़ता है, तो 8वें वेतन आयोग के समय मर्ज होने वाला DA सीमित रह सकता है। यही वजह है कि अब न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (Minimum Fitment Factor) करीब 1.60 के आसपास रहने की बात कही जा रही है।
आगे की सैलरी का आधार बनेगी DA बढ़ोतरी-
जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027- इन चार DA बढ़ोतरी से यह तय होगा कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कुल कितना DA बेसिक पे में मर्ज किया जाएगा। इसी वजह से जनवरी 2026 की बढ़ोतरी भले ही सिर्फ 2% हो, लेकिन इसका असर आने वाले वर्षों की सैलरी (salary) और पेंशन पर बेहद अहम रहने वाला है।
सीधे शब्दों में कहें तो DA की धीमी बढ़ोतरी का मतलब यह है कि आने वाले समय में सैलरी और पेंशन की बढ़ोतरी भी सीमित रह सकती है। DA में मामूली सा अंतर भी किसी कर्मचारी की पूरी सेवा अवधि और रिटायरमेंट (retirement) के बाद मिलने वाली पेंशन पर स्थायी असर डाल सकता है।



