New GST Rule 2026: आम आदमी को मिली बड़ी राहत! अब पढ़ाई, दवाई और रसोई के इन सामानों पर नहीं लगेगा GST; देखें पूरी लिस्ट
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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम बजट के बाद जीएसटी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ‘GST 2.0’ सुधारों को लागू करने का निर्णय लिया है। 9 फरवरी 2026 के ताजा अपडेट के अनुसार, रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं को अब शून्य (NIL) जीएसटी स्लैब में शामिल कर दिया गया है।इस कदम का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करना और जीवन स्तर को सुगम बनाना है। आइए जानते हैं कि आपके शॉपिंग बैग और किचन के बजट में अब कितनी बचत होने वाली है।1. रसोई के बजट में भारी कटौती (Food Items)सरकार ने रसोई में इस्तेमाल होने वाली बेसिक वस्तुओं पर टैक्स का बोझ पूरी तरह हटा दिया है।अब 0% GST (टैक्स फ्री): – परांठा, चपाती और रोटी (जो पहले 18% या 5% के दायरे में थे)।अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) मिल्क और पनीर/छेना (पैकेज्ड)।पिज्जा ब्रेड, खाखरा और गुड़।सस्ता हुआ सामान (12% से घटकर 5%): ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम), रिफाइंड शुगर, घी, मक्खन और पास्ता।2. शिक्षा हुई सस्ती: छात्रों को मिला ‘जीरो टैक्स’ का तोहफापढ़ाई से जुड़ी सामग्री पर अब कोई जीएसटी नहीं देना होगा, जिससे स्कूल और कॉलेज का खर्च घटेगा।टैक्स मुक्त साम्रगी: पेंसिल, शार्पनर, इरेज़र (मिटाने वाला रबर), अभ्यास पुस्तिकाएं (Notebooks), ड्राइंग बुक, मैप (मानचित्र) और चार्ट्स। इन पर पहले 12% तक टैक्स लगता था।3. हेल्थकेयर और बीमा: इलाज हुआ किफायतीस्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने सबसे बड़ी राहत दी है।बीमा (Insurance): व्यक्तिगत जीवन बीमा (Life Insurance) और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर लगने वाला 18% जीएसटी अब पूरी तरह हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर आप 50,000 रुपये का प्रीमियम देते थे, तो अब सीधे 9,000 रुपये की बचत होगी।दवाइयां: 33 जीवन रक्षक (Life-saving) दवाओं और कैंसर की दवाओं पर अब शून्य टैक्स लगेगा। थर्मामीटर, मेडिकल ऑक्सीजन और डायग्नोस्टिक किट पर भी टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है।4. होम अप्लायंसेज और लग्जरी पर भी असरइलेक्ट्रॉनिक्स: छोटे टीवी (32 इंच तक), गीजर और मिक्सर जैसे घरेलू उपकरणों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।ऑटोमोबाइल: छोटी कारों और 1200cc से कम की गाड़ियों पर भी टैक्स का बोझ कम हुआ है।सरकार के इस कदम का क्या है उद्देश्य?विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी की दरों में इस तर्कसंगत सुधार (Rationalisation) से बाजार में मांग बढ़ेगी और आम जनता की बचत में इजाफा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए बताया कि ये सुधार मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे व्यापारियों के जीवन में ‘ईज ऑफ डूइंग’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ सुनिश्चित करेंगे।सावधान: ये चीजें हो गई हैं महंगीजहाँ एक तरफ राहत मिली है, वहीं कुछ ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स बढ़ाया भी गया है:पान मसाला और तंबाकू: इन पर अब नई क्षमता आधारित टैक्स प्रणाली लागू की गई है, जिससे सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 5-8% की वृद्धि हो सकती है।



