सरकारी कर्मचारियों की मौज, बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर 38,700 रुपये

देश के एक करोड़ 19 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में दोगुनी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी होने वाली है। न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए से बढ़कर 38700 रुपये प्रति महीना हो जाएगी। पेंशनर्स को भी 8वें वेतन आयोग में तगड़ा लाभ मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर निभाएगा अहम भूमिका 

विशेषज्ञों के अनुसार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor News) के आधार पर सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी। महंगाई भत्ता और रोजाना के खर्च फिटमेंट फैक्टर को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा सरकार का बजट भी काफी अहम रहेगा। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, उतनी ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।

कब से लागू होगा नया वेतन आयोग 

नए वेतन आयोग (New Pay Commission) को जनवरी 2026 से ही लागू किया जाएगा। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक की है। अभी नए वेतन आयोग की सिफारिश आने में समय लगेगा। इसके चलते इसको लागू करने में देरी हो सकती है, परंतु नए वेतन आयोग को प्रभावित 1 जनवरी 2026 से ही माना जाएगा। कर्मचारियों को देरी के समय का एरियर मिलने की पूरी संभावना है।

क्यों जरूरी है फिटमेंट फैक्टर 

कर्मचारियों की सैलरी (employees Salary) बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर गुणांक का काम करेगा। जिस कर्मचारी की बेसिक सैलरी, जितनी होगी उसी के आधार पर यह गुणांक लागू होगा। जितनी बेसिक सैलरी होगी, उतनी अधिक नई बेसिक सैलरी मिलेगी। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा उतनी ज्यादा सैलरी कर्मचारियों को मिलने की संभावना है।

कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर 

कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं। अब नए अनुमान के अनुसार 2.15 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी (Minimum Basic Salary) 18000 रुपए से बढ़कर 38700 प्रति महीना हो जाएगी, जबकि जिस कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹50000 प्रति महीना होगी उसकी बेसिक सैलरी एक लाख 7 हजार 500 रुपये प्रति महीना हो जाएगी।

डीए और पेंशन का क्या होगा 

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में कर्मचारियों के लिए बाकी समय की तरह शुरुआत में महंगाई भत्ते को जीरो कर दिया जाएगा या नए महंगाई भत्ते का मीटर जीरो से शुरू होगा। जबकि एचआरए और पेंशन जैसी सुविधा पहले की तरह मिलती रहेंगी। कर्मचारियों की पेंशन भी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़ेगी।

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