8th Pay Commission: पे रिवीजन के बाद ASO, इंस्पेक्टर और जूनियर इंजीनियर की सैलरी में बंपर उछाल, देखें नया पे-स्ट्रक्चर


केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। 7वें वेतन आयोग की 10 वर्षीय अवधि पूरी होने के साथ ही पे-मैट्रिक्स रिवीजन की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। केंद्रीय कर्मचारियों में सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण पदों में शुमार असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO – मंत्रालयों में), विभिन्न विभागों के इंस्पेक्टर्स (GST/Central Excise/Income Tax/CBI) और जूनियर इंजीनियर्स (JE – CPWD/MES/Railways) की सैलरी में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। नए वेतन आयोग में संभावित फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद इन पदों का बेसिक पे और ग्रॉस सैलरी किस स्तर तक पहुंचेगा, इसे समझना बेहद जरूरी है।
फिटमेंट फैक्टर और बेसिक पे निर्धारण का क्या है फॉर्मूला?
वेतन आयोग में सैलरी रिवीजन का सबसे मुख्य आधार 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) होता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांग 2.86 तक है, जबकि वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि 2.28 से 2.57 के बीच एक संतुलित फिटमेंट फैक्टर तय हो सकता है।
नया बेसिक पे निर्धारित करने का गणित बिल्कुल सीधा है:
संशोधित बेसिक पे = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर
इसके बाद आवास किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और महंगाई भत्ता (DA – जो शुरुआत में 0% से रीसेट होकर नए बेसिक पर बढ़ता है) जोड़कर ग्रॉस इन-हैंड सैलरी तय होती है।
जूनियर इंजीनियर (JE – Level 6) की सैलरी में संभावित बदलाव
रेलवे (RRB), सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) और एमईएस (MES) जैसे विभागों में तैनात जूनियर इंजीनियर्स को 7वें वेतन आयोग के तहत 'पे लेवल-6' (ग्रेडेड पे ₹4200) में रखा गया है।
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मौजूदा 7th CPC बेसिक पे: ₹35,400 प्रति माह
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2.28 फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे: लगभग ₹80,712 प्रति माह
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2.57 फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे: लगभग ₹90,978 प्रति माह
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अनुमानित इन-हैंड ग्रॉस सैलरी: लेवल-6 कर्मचारियों को एक्स-सिटी (मेट्रो शहर) में एचआरए और टीए मिलाकर वर्तमान में लगभग ₹60,000-₹65,000 ग्रॉस मिलते हैं, जो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद बढ़कर ₹1,05,000 से ₹1,18,000 प्रति माह तक पहुंच सकते हैं।
असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) और इंस्पेक्टर्स (Level 7) का वेतन कैलकुलेशन
केंद्रीय सचिवालय (CSS), विदेश मंत्रालय (MEA), रेल मंत्रालय में तैनात असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) और आयकर विभाग (CBDT), जीएसटी (CBIC) व प्रिवेंटिव ऑफिसर/एग्जामिनर जैसे पदों पर कार्यरत इंस्पेक्टर्स 'पे लेवल-7' (4600 ग्रेड पे) के तहत आते हैं।
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मौजूदा 7th CPC बेसिक पे: ₹44,900 प्रति माह
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2.28 फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे: लगभग ₹1,02,372 प्रति माह
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2.57 फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे: लगभग ₹1,15,393 प्रति माह
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2.86 फिटमेंट फैक्टर (यूनियन मांग) पर: लगभग ₹1,28,414 प्रति माह
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अनुमानित इन-हैंड ग्रॉस सैलरी: दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे 'X' श्रेणी के महानगरों में तैनात लेवल-7 के अधिकारियों की ग्रॉस मासिक सैलरी वर्तमान में डीए व एचआरए मिलाकर करीब ₹78,000 से ₹85,000 के आसपास रहती है। 8वें वेतन आयोग के पे रिवीजन के बाद यह सैलरी सीधे ₹1,30,000 से ₹1,48,000 प्रति माह के पार जा सकती है।
अन्य भत्तों (Allowances) पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
पे रिवीजन के साथ न केवल बेसिक पे बढ़ेगा बल्कि अन्य संबंधित भत्तों का स्ट्रक्चर भी अपग्रेड होगा:
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हाउस रेंट अलाउंस (HRA): शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के आधार पर HRA प्रतिशत को नए बेसिक पे के अनुसार री-कैलिब्रेट किया जाएगा।
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ट्रैवल अलाउंस (TA): टीए की दरें भी उच्च स्तर पर संशोधित होंगी ताकि फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ी लागत की भरपाई हो सके।
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ग्रेच्युटी और पेंशन फंड: बेसिक पे में बढ़ोतरी का सीधा असर भविष्य निधि (NPS/UPS) अंशदान और सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी सीमा पर पड़ेगा।
कब तक लागू हो सकती हैं नई सिफारिशें?
वेतन आयोग के गठन, विभिन्न पक्षों से फीडबैक लेने और सिफारिशों का ड्राफ्ट तैयार करने में सामान्यतः 18 से 24 महीने का समय लगता है। उम्मीद की जा रही है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट और कैबिनेट की मंजूरी के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतनमान का लाभ एरियर सहित मिल सकता है।



