परेड कार्यक्रम मे विशेष अतिथि के रूप मे उत्तर प्रदेश से प्रतिभाग करेगी 14 लखपति दीदियां

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन मे उत्तर प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहो से ग्रामीण महिलायें जुड़कर सफलता की नयी ऊंचाइयां छू रही हैं। प्रदेश मे स्वयं सहायता समूहो से जुड़ी लाखो दीदिया जहां नई उड़ान भर रही हैं, वहीँ गाँव देहात की अन्य महिलाओ के लिए प्रेरणास्रोत साबित हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। महिला सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर ग्राम और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वयं सहायता समूहों की ताकत से ग्रामीण भारत का भविष्य बदलेगा। लखपति दीदी अभियान से गांव-गांव समृद्धि पहुंचेगी और महिलाओ को सम्मान मिलेगा। महिला उद्यमिता और आजीविका संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
गणतंत्र दिवस के अवसर नई दिल्ली मे आयोजित परेड के दौरान सम्मिलित होने उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूहो के विभिन्न कैडर्स की 14 लखपति दीदियां विशेष अतिथि के रूप मे प्रतिभाग करेगीं। जिसमे आत्मविश्वास, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से आत्मनिर्भर बनी बिजनौर जनपद की ऋतु हलदर और सुमन रानी जो महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल हैं, भी सम्मिलित रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन सभी दीदियो का गणतन्त्र दिवस के अवसर पर विशेष अतिथि के रूप मे जाना उत्तर प्रदेश के लिए, खासतौर से स्वंय सहायता समूहो  के लिए गौरव की बात है और इसके लिए उन्होने मा0 प्रधानमंत्री जी व भारत सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है।
उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दीदियो को दिल्ली ले जाने के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थायें पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाए। बता दें कि ऋतु हलदर और सुमन रानी बिजनौर की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के तैयार उत्पादों के साथ-साथ जिले का पारंपरिक वुड क्राफ्ट भी दिल्ली ले जायेंगी।
कभी आर्थिक तंगी और पारिवारिक कठिनाइयों से जूझ रहीं ऋतु और सुमन आज सफल महिला उद्यमी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका का साधन विकसित किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी मेहनत और उपलब्धियों को देखते हुए प्रशासन ने दोनों को ‘लखपति दीदी क्लब’ में शामिल किया है।
’संघर्ष से संबल तक-ऋतु-सुमन की आत्मनिर्भर उड़ान’
सुमन रानी ग्राम अब्दुल्लापुर (ब्लॉक-हलदौर) की निवासी हैं, जिन्होंने सीमित आय और बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच हार न मानते हुए आत्मनिर्भर बनने का सपना देखा। बी ए तक शिक्षित सुमन ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत की शुरुआत की और ग्राम्य विकास विभाग की सीएलएफ योजना के तहत लेखाकार के रूप में कार्य किया। मेहनत और आत्मविश्वास ने उन्हें नई पहचान दिलाई और आज वे विवेक विश्वविद्यालय परिसर स्थित ‘विदुर कैफे’ का सफल संचालन करते हुए प्रतिदिन 3 से 4 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
ग्राम घासीवाला (ब्लॉक-मोहम्मदपुर देवमल) की ऋतु हलदर ने भी संघर्ष को अपनी ताकत बनाया। 12वीं तक पढ़ी ऋतु ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली और समूह अध्यक्ष के रूप में आगे बढ़ीं। आत्मनिर्भर बनने की ललक ने उन्हें दोबारा पढ़ाई की राह दिखाई और वर्तमान में वे बीए की पढ़ाई कर रही हैं। आज वे अपनी सहयोगी माया चक्रवर्ती के साथ नजीबाबाद रोड स्थित वर्धमान कॉलेज के पास ‘विदुर कैफे’ चला रही हैं, जहां से वे प्रतिदिन 3 से 4 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर न केवल अपने परिवार को संबल दे रही हैं, बल्कि अनेक महिलाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा भी बन चुकी हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान के तहत आमजन से स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत बिजनौर में ऋतु हलदर और सुमन रानी आत्मनिर्भर हो और महिलाओं के लिए भी नसीहत बनी हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर दो दिन पहले यह दीदियां नई दिल्ली रवाना होंगी।

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